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Bhopal Master Plan 2047: फर्जी आपत्तियों पर प्रशासन की कार्रवाई, अब असली 13 हजार मामलों पर होगी सुनवाई

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भोपाल
 बहुप्रतीक्षित मास्टर प्लान 2047 को लेकर अब तस्वीर साफ होने लगी है। प्लान को लेकर आई आपत्तियों पर सुनवाई का काउंटडाउन शुरू हो गया है। राजधानी के नए मास्टर प्लान पर आम जनता, किसानों और स्टेकहोल्डर्स की आपत्तियों का निपटारा करने के लिए 16 नवंबर से लालघाटी स्थित नई हुजूर तहसील भवन में जनसुनवाई की शुरुआत होने जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया अगले 90 दिनों तक लगातार चलेगी।

13 हजार आपत्तियों पर होगी आमने-सामने चर्चा
मास्टर प्लान के मसौदे पर 25 अक्टूबर की डेडलाइन तक ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से कुल 16,000 से ज्यादा आपत्तियां और सुझाव दर्ज किए गए थे। विभाग द्वारा इनकी शुरुआती जांच और स्क्रूटनी के बाद करीब 3,000 डुप्लीकेट आवेदन हटा दिए गए हैं, जिनमें एक ही व्यक्ति द्वारा बार-बार या एक जैसे मुद्दे उठाए गए थे। अब शुद्ध रूप से लगभग 13,000 आपत्तियां बची हैं जिन पर प्रशासन सुनवाई करेगा।

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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ग्रुपिंग की सुविधा
गुरुवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में भोपाल सांसद आलोक शर्मा, स्थानीय विधायक और कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि एक जैसी प्रकृति की आपत्तियों को एक साथ समूहीकृत किया जाएगा, जिससे कॉमन मुद्दों की जांच तेजी से और सामूहिक रूप से की जा सके। सुनवाई के दौरान आपत्तिकर्ता सीधे यानी इन-पर्सन अपनी बात रख सकेंगे, साथ ही जो लोग व्यक्तिगत रूप से नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था भी की गई है।

प्रशासनिक अफसर संभालेंगे कमान
इस पूरी जनसुनवाई प्रक्रिया की निगरानी अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट प्रकाश नायक और नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे। प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि शहर के विकास का नया खाका तैयार करते समय आम जनता, किसानों और प्रभावित वर्ग की चिंताओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सुना जाए।

क्या होता है शहर का मास्टर प्लान?
भोपाल का नया मास्टर प्लान शहर के आगामी विकास, ज़मीन के उपयोग, ज़ोनिंग और बुनियादी ढांचे की दिशा तय करने वाला अहम दस्तावेज है। पिछले महीनों में जब मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सामने आया था, तो आम नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और किसानों ने कई प्रावधानों पर सवाल उठाए थे। 25 अक्टूबर तक इसके विरोध और सुधार के लिए कुल 16 हजार से ज्यादा आवेदन पहुंचे थे, जिनकी अब विधिवत जांच और सुनवाई का दौर शुरू हो रहा है।

 

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