Home देश ‘मैंने अपनी ईमानदारी से समझौता नहीं किया’, पूर्व जज संजय किशन कौल...

‘मैंने अपनी ईमानदारी से समझौता नहीं किया’, पूर्व जज संजय किशन कौल ने चंद्रचूड़ से जुड़ा किस्सा किया साझा

6
0
Jeevan Ayurveda

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस संजय किशन कौल अपनी किताब में पूर्व CJI डी वाई चंद्रचूड़ पर किए गए दावे को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। जस्टिस कौल ने कहा है कि पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ ने उनसे पीएमएलए वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर फिर से विचार करने वाली याचिकाओं वाले मामले में बीच का रास्ता अपनाने को कहा था। जस्टिस कौल ने यह भी बताया कि न्यायिक नियुक्तियों में देरी से जुड़े मामले को उनकी बेंच से तब वापस ले लिया गया था, जब वे केंद्र सरकार पर कॉलेजियम सिफारिशों को लागू करने के लिए दबाव डालने की कोशिश कर रहे थे। जस्टिस कौल का दावा है कि सीजेआई चंद्रचूड़ पर इस मामले को बेंच से हटाने का दबाव जरूर था। हालांकि, यह नहीं बता सकते कि वह दबाव सरकार ने डाला था या नहीं।

'द वायर' के हवाले से लाइव लॉ ने बताया कि जस्टिस कौल ने कहा कि एक बार पीएमएलए केस में तत्कालीन सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने उन्हें अपने चैंबर में बुलाया था। उस समय उनकी अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच विजय मदनलाल चौधरी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के फैसलों पर दोबारा विचार करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने जा रही थी। जस्टिस कौल की किताब 'विदाउट फियर ऑर फेवर' लॉन्च होने जा रही है। इसी में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और पू्र्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ से जुड़े भी कई दावे किए हैं।

Ad

जस्टिस कौल ने आगे बताया कि जस्टिस संजीव खन्ना भी उसी बेंच का हिस्सा थे और वह भी वहीं पर मौजूद थे। पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ ने उन्हें मामले को आगे न बढ़ाने के लिए मनाने की कोशिश की और सुझाव दिया कि अगर वह आगे बढ़ने का फैसला करते हैं तो सावधानी बरतनी चाहिए और बीच का रास्ता निकालना चाहिए। जस्टिस कौल ने बताया कि उन्होंने सुनवाई को आगे ले जाने का फैसला किया, क्योंकि अगर वे पीछे हटते तो इससे उनकी ईमानदारी पर असर पड़ता।

'मैं अपनी ईमानदारी की बहुत कद्र करता हूं'
जस्टिस कौल ने इंटरव्यू में कहा, ''लोग मेरे बारे में क्या कहेंगे कि मैं इसके लिए पैसे ले रहा हूं? अगर 22 साल जज रहने के बाद भी इस तरह के मामलों में झुक जाऊंगा तो मैंने अपना काम नहीं किया। मैं अपनी ईमानदारी का बहुत कद्र करता हूं।'' उन्होंने दावा किया कि तब उन्होंने जस्टिस चंद्रचूड़ से कहा था कि मैंने अपने करियर में कभी भी बीच का रास्ता नहीं अपनाया और जब भी लगा कि यह सही है, तो मामले को आगे ही बढ़ाया। जस्टिस कौल ने याद किया कि पूर्व सीजेआई से यह चर्चा करने के बाद वे आगे सुनवाई के लिए कोर्टरूम में गए और मामले की सुनवाई की।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here