Home छत्तीसगढ़ शासन की पहल से परिवार को मिली आर्थिक राहत, रजिस्ट्री में बचाए...

शासन की पहल से परिवार को मिली आर्थिक राहत, रजिस्ट्री में बचाए ₹46,846 बहनों को किए भेंट

21
0
Jeevan Ayurveda

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में अभिलाष को मिली 46,846 रुपये की राहत, बचत की पूरी राशि बहनों को दी उपहार में

Ad

पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये होने से कम हुआ आर्थिक बोझ, परिवार की खुशियों का माध्यम बनी शासन की पहल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन सेवाओं में सुधार से आम नागरिकों को मिल रही सहूलियत

रायपुर, 
 छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और किफायती बनाने के लिए किए गए सुधार आम नागरिकों को आर्थिक राहत देने के साथ परिवारों की खुशियों का भी माध्यम बन रहे हैं। बलौदाबाजार जिले के अभिलाष की कहानी इसकी एक मिसाल है। पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित होने से उन्हें 46 हजार 846 रुपये की बचत हुई। इस आर्थिक राहत से मिली खुशी को उन्होंने अनूठे अंदाज में अपनी बहनों के साथ साझा किया और बचत की पूरी राशि उन्हें उपहार स्वरूप दे दी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा नागरिक सुविधाओं के विस्तार और प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पारिवारिक हकत्याग के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित करना इन्हीं जनहितैषी सुधारों में शामिल है। इन सुधारों का लाभ हितग्राहियों तक किस प्रकार पहुंच रहा है, यह जानने के लिए विभाग द्वारा 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत नागरिकों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं।

रजिस्ट्री में हुई बचत से बहनों के चेहरे पर बिखरी मुस्कान

सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान अभिलाष ने बताया कि पारिवारिक हकत्याग से संबंधित दस्तावेज का पंजीयन कराने पर उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती शुल्क का लाभ मिला। पहले जहां इस प्रक्रिया में अधिक राशि खर्च होती, वहीं अब मात्र 500 रुपये पंजीयन शुल्क लगने से उनके 46,846 रुपये बच गए। उन्होंने इस बचत को केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरी राशि अपनी बहनों को उपहार स्वरूप देकर परिवार की खुशियों को और बढ़ा दिया।

अभिलाष के लिए शासन की यह पहल दोहरी खुशी लेकर आई। एक ओर संपत्ति संबंधी आवश्यक दस्तावेज का पंजीयन कम खर्च में पूरा हुआ, वहीं दूसरी ओर बचत की राशि परिवार के सदस्यों के काम आई। उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया में मिली आर्थिक राहत और सुविधा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

पारिवारिक संपत्ति के दस्तावेजों का पंजीयन हुआ किफायती

राज्य सरकार द्वारा पारिवारिक हकत्याग से संबंधित पात्र दस्तावेजों के लिए पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित किए जाने से नागरिकों को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति संबंधी अधिकारों के व्यवस्थापन में होने वाला खर्च कम हुआ है। विशेष रूप से उन परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है, जिन्हें पहले पंजीयन शुल्क के रूप में अधिक राशि खर्च करनी पड़ती थी।

बलौदाबाजार के अभिलाष का अनुभव दर्शाता है कि शासन के नीतिगत सुधार किस प्रकार आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। रजिस्ट्री में बचाए गए 46,846 रुपये जब बहनों को उपहार के रूप में मिले, तो पंजीयन शुल्क में मिली राहत पारिवारिक स्नेह और खुशियों की एक यादगार कहानी बन गई।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here