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‘लाल टोपी वालों के कारनामे भूली नहीं है यूपी की जनता’, अखिलेश पर अनिल राजभर का तीखा हमला

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लखनऊ

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के हरे और लाल रंग को लेकर दिए बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने 2012 से 2017 के बीच की सपा सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने उस दौरान ‘लाल रंग के असर’ को खूब देखा और महसूस किया है।

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अनिल राजभर ने कहा कि लाल टोपी पहनकर समाजवादी पार्टी के लोग गरीबों की जमीन पर कब्जा किया करते थे और मां-बहनों की इज्जत-आबरू पर हाथ डालने की कोशिश करते थे। उन्होंने कहा कि लाल टोपी देखकर व्यापारी अपना शटर बंद कर देते थे।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग रंग बदलने में माहिर हैं। सत्ता में रहते हैं तो लाल टोपी पहनकर जनता का शोषण करते हैं और सरकार से बाहर आते ही उन्हें क्रांति दिखाई देने लगती है।

पुरानी पेंशन के मुद्दे पर भी अखिलेश को घेरा

पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर अनिल राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि पुरानी पेंशन छीनी किसने थी। उन्होंने 28 मार्च 2005 का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी और इसी सरकार ने ‘नई पेंशन’ को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया था। उन्होंने कहा कि जनता इस बात को नहीं भूली है और समाजवादी पार्टी की ‘चाल और चलन’ को अच्छी तरह जानती है।

जयंत चौधरी के मुद्दे पर भी अखिलेश पर हमला

अखिलेश यादव के जयंत चौधरी पर निशाना साधने को लेकर भी अनिल राजभर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी डर रही है और पार्टी के मुखिया को नींद नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को जो सबका अपमान करने का शौक है, वह उन्हें कहीं का नहीं छोड़ेगा।

अनिल राजभर ने चौधरी चरण सिंह और उनके परिवार के सम्मान का जिक्र करते हुए कहा कि देश की राजनीति में चौधरी साहब और उनके परिवार का सम्मान किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब के परिवार का जो अपमान किया गया है, उसका सबक प्रदेश के किसान, गरीब, पिछड़े और दलित समाजवादी पार्टी को सिखाएंगे।

पत्रकारों को समाजवाद पढ़ने की सलाह पर भी पलटवार

अखिलेश यादव की ओर से पत्रकारों को समाजवाद पढ़ने की सलाह दिए जाने पर भी अनिल राजभर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कैमरों के सामने असहज हो जाते हैं और किसी की जाति, चैनल या घर के बारे में पूछने लगते हैं। अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया को किसी पर भरोसा नहीं है और किसी का अपमान करने में उन्हें एक-एक क्षण की भी देरी नहीं लगती।

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