Home मध्य प्रदेश खाद की किल्लत पर MP सरकार का बड़ा कदम! किसानों के लिए...

खाद की किल्लत पर MP सरकार का बड़ा कदम! किसानों के लिए जारी किए WhatsApp और हेल्पलाइन नंबर

5
0
Jeevan Ayurveda

सिवनी.

किसानों को ई-उर्वरक (खाद) की सुलभ और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश राज्य सरकार ने 'ई-विकास 2.0' (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं।

Ad

इस नई व्यवस्था के तहत अब किसानों को अपनी आवश्यकतानुसार खाद खरीदने की छूट होगी और अतिरिक्त खाद लेने पर कोई कारण बताने की बाध्यता नहीं रहेगी। इसके साथ ही कृषि विभाग ने 20 अगस्त से 'फार्मर ID' (Farmer ID) बनाने, अग्रिम खाद उठाव और पैक्स (PACS) की सदस्यता दिलाने का एक विशेष अभियान शुरू किया है। विधायक दिनेश राय मुनमुन को कृषि अधिकारियों ने इस नई व्यवस्था और किसानों को मिलने वाली सहूलियतों की विस्तृत जानकारी दी।

ई-विकास 2.0 प्रणाली में किए गए प्रमुख बदलाव-
अतिरिक्त खाद की सुलभता: ICAR की फसलवार अनुशंसा के अनुसार या उससे अधिक मात्रा में उर्वरक की आवश्यकता होने पर भी किसान पहली बार में ही इच्छानुसार खाद खरीद सकेंगे। इसके लिए किसी अतिरिक्त कारण या दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी।
टोकन क्षमता में वृद्धि: मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों पर प्रतिदिन जनरेट होने वाले 300 टोकन की सीमा को जरूरत के हिसाब से बढ़ाया जा सकेगा।
टोकन निरस्तीकरण की सुविधा: टोकन जारी होने के 24 घंटे के भीतर उसे निरस्त (कैंसल) करने का विकल्प भी दिया गया है।
फसल खराब होने पर पुनः मांग: यदि किसी कारणवश फसल खराब होती है, तो किसान दोबारा उर्वरक की मांग कर सकेंगे। ऐसे विशेष मामलों (Exceptional Cases) में तहसीलदार या एसडीएम (SDM) द्वारा 48 घंटे के भीतर स्वीकृति दी जाएगी।

व्हाट्सएप बोट और हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत
समर्पित हेल्पलाइन: किसानों की खाद से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 7880223344 जारी किया गया है। शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक इस पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
व्हाट्सएप बोट (WhatsApp Bot): डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए जल्द ही ई-विकास 2.0 पर व्हाट्सएप बोट सुविधा शुरू हो रही है। किसान अपने मोबाइल से 'HELP' या 'मदद' लिखकर टोकन, रिटेलर, उर्वरक की उपलब्धता, उठाव की तारीख और टोकन की वैधता जैसी जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।

केंद्र सरकार से किया गया अनुरोध
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार से iFMS और ई-विकास पोर्टल के एकीकरण (Integration) के साथ-साथ दो अलग-अलग विक्रय केंद्रों की पीओएस (POS) मशीन से खाद लेने पर लगने वाली 60 मिनट की अनिवार्यता को समाप्त करने का भी अनुरोध किया गया है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here