Home मध्य प्रदेश पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छ शहरों के निर्माण पर बल

पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छ शहरों के निर्माण पर बल

5
0
Jeevan Ayurveda

भोपाल 

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा राज्य के नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 तथा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में एक दिवसीय क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। भोपाल, नर्मदापुरम एवं उज्जैन संभाग के नगरीय निकायों के जन-प्रतिनिधियों के व्यावहारिक एवं प्रशासनिक कौशल को विस्तार देने के लिए विशिष्ट कार्यशालाओं का सूत्रपात भोपाल तथा उज्जैन शहरों में किया गया।

Ad

इस आयोजन में भोपाल नगर निगम की महापौर मती मालती राय, उज्जैन नगर निगम के महापौर  मुकेश टटवाल, उज्जैन नगर निगम अध्यक्ष मती कलावती यादव, रतलाम नगर निगम महापौर  प्रहलाद पटेल, सांसद प्रतिनिधि  अर्जुन मालवीय तथा राजस्थान के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर एवं राज्य सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री  के.के. गुप्ता उपस्थित रहे। कार्यशाला में भोपाल, नर्मदापुरम एवं उज्जैन संभागों के अंतर्गत आने वाले 86 नगरीय निकायों के 140 से अधिक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सभापतिगणों ने सक्रियता के साथ सहभागिता की।

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के उदात्त दिशा-निर्देशों के अंतर्गत आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य स्तर से इम्पैनल्ड स्वच्छता नॉलेज पार्टनर्स AIILSG, भोपाल द्वारा आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में तथा फीडबैक फाउंडेशन द्वारा होटल मित्तल पैराडाइज, उज्जैन में कुशलतापूर्वक संपन्न कराया गया। कार्यशाला के माध्यम से उपस्थित जन-प्रतिनिधियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रमुख विधिक प्रावधानों, स्वच्छता प्रबंधन की अत्याधुनिक नवीन व्यवस्थाओं तथा नगरीय निकायों की भूमिका एवं उत्तरदायित्वों के विषय में अत्यंत विस्तारपूर्वक एवं प्रामाणिक जानकारी प्रदान की गई।

सत्र में स्रोत स्तर पर अपशिष्ट के पृथक्करण, द्वार-द्वार जाकर अपशिष्ट संग्रहण, वैज्ञानिक रीति से प्रसंस्करण एवं सुरक्षित निपटान, सिंगल यूज प्लास्टिक के पूर्ण उन्मूलन, सार्वजनिक सहभागिता तथा व्यवहार परिवर्तन संचार (BCC) जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण गतिविधियों पर विशेष बल दिया गया। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के आदर्शों के अनुरूप स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल शहरों के नव-निर्माण में जन-प्रतिनिधियों की पथ-प्रदर्शक भूमिका पर भी गहन विमर्श किया गया। कार्यक्रम में विषय-विशेषज्ञों द्वारा प्रशासनिक, तकनीकी एवं सामुदायिक आयामों को साझा किया गया तथा स्थानीय स्तर की चुनौतियों व उनके व्यावहारिक समाधानों पर सार्थक संवाद किया गया।

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) उप मिशन संचालक  नीलेश दुबे ने कहा कि क्षमता-वर्धन कार्यक्रम जन-प्रतिनिधियों को स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन से संबद्ध महत्वाकांक्षी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन में पूर्णतः सक्षम बनाएंगे। उन्होंने कहा कि यह अभिनव प्रयास प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुसज्जित तथा पर्यावरणीय दृष्टिकोण से दीर्घकालिक रूप से संवहनीय बनाने में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here