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योगी सरकार की पहल: मद्यनिषेध विभाग को नई ताकत, संगठित प्रयासों से नशामुक्ति अभियान में तेजी

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योगी सरकार में मद्यनिषेध विभाग को नई ताकत, संगठित ढांचे से तेज हुआ नशामुक्ति अभियान

7 क्षेत्रीय मुख्यालयों से 75 जिलों तक पहुंचा जनजागरण, समाजोत्थान मिशन को मिली रफ्तार

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लखनऊ
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नेतृत्व में मद्यनिषेध विभाग को अधिक संगठित, सक्रिय और जनकेंद्रित स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश में नशे की प्रवृत्ति, शराब सेवन और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को चुनौती मानते हुए सरकार ने विभागीय ढांचे को मजबूत किया है। साथ ही जनजागरूकता अभियानों को गांव से शहर तक विस्तार दिया गया है। परिणामस्वरूप मद्यनिषेध विभाग केवल औपचारिक प्रशासनिक इकाई न रहकर समाज में चेतना जगाने वाला प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, संवाद अभियान, रैलियां और सामाजिक सहभागिता आधारित गतिविधियां लगातार चलाई जा रही हैं, जिससे प्रदेश में नशामुक्त समाज की अवधारणा को मजबूती मिल रही है।

नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक कर रही सरकार 

योगी सरकार के कार्यकाल में विभाग द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवा मंचों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वहीं नुक्कड़ नाटक, रैली, शपथ अभियान, पोस्टर प्रतियोगिता, सेमिनार और जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य समाज को नशे की बुराइयों से बचाकर स्वस्थ और सक्षम बनाना है। इसी कारण मद्यनिषेध विभाग को सामाजिक उत्थान से जोड़कर देखा जा रहा है। महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रदेश में स्थापित 7 क्षेत्रीय मुख्यालय 

मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में विभाग के 7 क्षेत्रीय मुख्यालय स्थापित हैं, जिनमें लखनऊ, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और मुरादाबाद शामिल हैं। इन क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से 75 जनपदों में मद्यनिषेध संबंधी योजनाओं, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रचार अभियानों का संचालन किया जा रहा है। यह सुव्यवस्थित नेटवर्क प्रदेश के हर हिस्से तक सरकार की नशामुक्ति नीति पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यालय स्तर पर तैनात हैं राज्य मद्यनिषेध अधिकारी

अधिकारियों ने बताया कि विभागीय कार्यों के संचालन के लिए 7 क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी, 6 उप क्षेत्रीय अधिकारी, 27 जिला मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी तथा 7 प्राविधिक पर्यवेक्षक तैनात हैं। इनके साथ कार्यालयी स्टाफ, वाहन चालक और सहायक कर्मचारियों की भी व्यवस्था की गई है, जिससे विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके। मुख्यालय स्तर पर भी राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, उप राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, लेखाकार, लिपिक वर्ग और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इससे योजनाओं की निगरानी, बजट प्रबंधन, समीक्षा और फील्ड स्तर तक निर्देशों के प्रभावी पालन में मदद मिली है।

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