Home मध्य प्रदेश मध्यप्रदेश में अवैध कालोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक, 33 कालोनियों...

मध्यप्रदेश में अवैध कालोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक, 33 कालोनियों की लिस्ट देखें

148
0
Jeevan Ayurveda

भोपाल 

मध्यप्रदेश के भोपाल जिले में 24 नई अवैध कॉलोनियों के मामले में डेवलपर्स को नोटिस जारी किए हैं। एक साल पहले भी प्रशासन ने 70 कॉलोनी को नोटिस देने के बाद एफआइआर की कार्रवाई की थी, हालांकि इसके बाद जमीन स्तर पर कुछ भी नहीं किया गया। प्रशासन की ओर से इनकी नामजद सूची जारी की गई है। बावजूद इसके अवैध कॉलोनियों का विकास नहीं रुक रहा है। एक्सपर्टस का कहना है कि प्रशासन अवैध कॉलोनियों के निर्माण को रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों को और सख्त करें।

Ad

33 कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक
70 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जबकि 63 लोगों पर नामजद एफआइआर दर्ज की है। प्रशासन की ओर से 33 कॉलोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगा दी गई है। हताईखेड़ा और रोलूखेड़ी जैसे क्षेत्रों में अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया है। अवैध कॉलोनियों की अधिकता वाले क्षेत्रों में रातीबड़, नीलबड़, पिपलिया बरखेड़ी, अमरावदकलां, शोभापुर, रोलूखेड़ी, कानासैय्या, कालापानी, पचामा, थुआखेड़ा, छावनी पठार, विदिशा रोड, बैरसिया रोड, सेवनिया ओंकारा, कोलुआ खुर्द, हथाईखेड़ा, रायसेन रोड, बिशनखेड़ी, कलखेड़ा, करोंद, संतनगर, भौंरी आदि शामिल है।

जैसा मैंने कहा है कि राजधानी में अवैध कालोनी समेत अतिक्रमण अवैध निर्माण को लेकर पूरी जानकारी एकत्रित कर रहा हूं। इसके बाद हम तेजी से कार्रवाई शुरू करेंगे। 

प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर
यहां विकसित अवैध कॉलोनियां पर मई में फैसला

अरेडी में तीन कॉलोनियां

ईंटखेड़ी में पांच कॉलोनियां

हज्जामपुरा में एक कॉलोनी

बसई में एक कॉलोनी

अचारपुरा में छह कॉलोनी

बदरखां सड़क में एक कॉलोनी

बांसिया में एक कॉलोनी

अमझरा में एक कॉलोनी

परेवाखेड़ी में एक कॉलोनी

सेवनियां ओंकारा में दो कॉलोनी

मुबारकपुरा मे एक कॉलोनी

40 मकान मालिकों को ननि का नोटिस
नगर निगम ने साकेत नगर 9ए में अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने करीब 40 निवासियों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने अपनी स्वीकृत भवन सीमा से चार मीटर बाहर तक निर्माण कर लिया है। वार्ड 54 (जोन 13) के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र के कई मकान मालिकों ने अपनी निर्धारित सीमा के बाहर किचन गार्डन और पार्किंग शेड बनाकर सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। इन विस्तारों के कारण मुख्य सड़क काफी संकरी हो गई है, जिससे वहां से चार पहिया वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है।

सर्वे में अतिक्रमण की पुष्टि
बीते माह ए्स इलाके में अवैध निर्माण के छज्जा गिरने से 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बाद इलाके के रहवासियों द्वारा बारबार शिकायतों की जा रही थीं। साथ ही सड़क बाधित होने का मुद्दा उठाया था। विस्तृत जांच के बाद, निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने सर्वे में उल्लंघन की पुष्टि की। शुरुआत में स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निवासियों ने पालन नहीं किया। निगम अधिनियम, 1956 की धारा 322 के तहत नोटिस जारी किए गए। अधिकारियों ने एक सप्ताह की समय सीमा दी है। लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाए तो निगम हटाएगा।

पार्षद ने कहा- स्वयं हटा लें अवैध निर्माण

नोटिस मिलने के बाद प्रभावित रहवासियों ने स्थानीय पार्षद जितेंद्र शुक्ला से हस्तक्षेप की गुहार लगाई। पार्षद ने अन्याय न होने का आश्वासन तो दिया।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here