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होर्मुज संकट का साइड इफेक्ट, अमेरिका में $4 के पार हुआ पेट्रोल, राष्ट्रपति ट्रंप की आर्थिक नीतियों पर उठे सवाल

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  इन्फ्लेशन

 ईरान के खिलाफ जंग लड़ रहे अमेरिका में लोगों पर महंगाई की मार पड़ी है. पेट्रोल की कीमतें 1 डॉलर से ज्‍यादा और डीजल की कीमतें 1.89 डॉलर बढ़ गई हैं. इसका असर कृषि और उद्योंगों पर तो पड़ ही रहा है, ट्रांसपोर्टेशन भी महंगा हो गया है. इन वजहों से युद्ध का असर अब सीधे अमेरिकी नागरिकों की जेब तक पहुंच गया है. जेट फ्यूल की कीमतें भी

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आसमान पर पहुंच
ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजॉन ने डिलीवरी पर अतिरिक्त चार्ज लगाने का ऐलान किया है, वहीं प्रमुख एयरलाइंस ने भी टिकटों के दाम बढ़ा दिए हैं.

पेट्रोल-डीजल कितना महंगा हुआ?
अमेरिका में महंगाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि  पेट्रोल की औसत कीमत बढ़कर 4.09 डॉलर प्रति गैलन (करीब 3.8 लीटर) पर पहुंच गई है, जो अगस्त 2022 के बाद सबसे उच्च स्तर है. वहीं, अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के आंकड़ों के अनुसार, डीजल की कीमत एक साल पहले के 3.64 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन से बढ़कर 5.53 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन हो गई है. डीजल का उपयोग कृषि, निर्माण और परिवहन के साथ-साथ अन्य उद्योगों में भी व्यापक रूप से होता है.

अमेजॉन और डाक सेवा ने लगाया सरचार्ज
दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेलर अमेजॉन ने पुष्टि की है कि वह 17 अप्रैल से तीसरे पक्ष के विक्रेताओं (थर्ड-पार्टी सेलर्स) पर 3.5 फीसदी का ईंधन और लॉजिस्टिक्स सरचार्ज लागू करेगा अमेजॉन ने एक बयान में कहा, 'ईंधन और लॉजिस्टिक्स में बढ़ी हुई लागत ने पूरे उद्योग में परिचालन की लागत बढ़ा दी है.' कंपनी ने कहा कि उसने अब तक इन बढ़ोतरी को खुद ऑब्‍जर्ब किया है, लेकिन अब लागत कम करने के लिए येअस्थाई कदम उठाना जरूरी हो गया है.

अमेजॉन अकेली ऐसी कंपनी नहीं है. अमेरिकी डाक सेवा (USPS) ने भी पार्सल और एक्सप्रेस मेल डिलीवरी पर 8 फीसदी का अस्थायी ईंधन सरचार्ज लगाने की मांग की है. यदि मंजूरी मिलती है, तो ये सरचार्ज 26 अप्रैल से प्रभावी होगा और 17 जनवरी, 2027 तक जारी रहेगा इसके अलावा, यूनाइटेड पार्सल सर्विस (UPS) और फेडएक्स (FedEx) ने भी अपने ईंधन सरचार्ज में बढ़ोतरी की है

एयरलाइंस ने बढ़ाए टिकट के दाम
युद्ध के कारण जेट ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं, जो एयरलाइनों के लिए लेबर कॉसट के बाद दूसरा सबसे बड़ा खर्च है डेल्टा, यूनाइटेड और अमेरिकन एयरलाइंस के सीईओ ने एक कॉन्फ्रेंस में संकेत दिया कि वे बढ़ती लागत की भरपाई के लिए टिकट के दाम बढ़ा रहे हैं

डेल्टा एयर लाइंस के CEO एड बैस्टियन ने कहा कि उनकी कंपनी ईंधन लागत को 'रिकैप्चर' करने के लिए अच्छी स्थिति में है. अमेरिकन एयरलाइंस ने खुलासा किया कि उसने ईंधन पर अतिरिक्त 400 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं हालांकि, हैरानी की बात यह है कि इस भारी बढ़ोतरी के बावजूद यात्रियों की मांग कम नहीं हुई है.

होर्मुज संकट के बीच बढ़ी चिंता
इस पूरे आर्थिक संकट की जड़ होर्मुज जलडमरूमध्य संकट से है, जिससे होकर दुनिया के 20 फीसदी तेल का परिवहन होता है जानकारों का कहना है कि अगर ये संकट लंबा खिंचा तो अमेरिका में सप्लाई चेन बाधित हो सकती है. न्यूयॉर्क स्थित विश्लेषक राचेल ज़िम्बा ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि अमेरिका इससे बच पाएगा. ये वैश्विक बाजार हैं. एक हफ्ते

पहले भी विशेषज्ञ चिंतित थे, अब वे और अधिक चिंतित हैं'
शिकागो फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने चेतावनी दी कि अगर परिवहन लागत बढ़ती है, तो इसका असर अन्य कीमतों पर भी पड़ेगा. उन्होंने कहा कि उपभोक्ता 'स्टिकर शॉक' (कीमतें देखकर हैरान रह जाना) का सामना करेंगे, जिससे पहले से ही बढ़ती महंगाई और भी गंभीर हो जाएगी.

महंगाई का कोहराम, आगे और संकट के संकेत
अभी फरवरी 2026 में अमेरिका की महंगाई (कोर इंफ्लेशन) दर 2.50 फीसदी थी , लेकिन युद्ध के कारण तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी हुई हैं. पीटरसन इंस्टीट्यूट की विशेषज्ञ गैरी हुफबॉर का अनुमान है कि ईरान युद्ध के कारण महंगाई  4 प्रतिशत या उससे भी अधिक हो सकती है. सीएनएन के एक हालिया सर्वे के अनुसार, लगभग दो-तिहाई अमेरिकी नागरिकों का मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने आर्थिक स्थितियों को खराब किया है. जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका तेल की कमी से प्रभावित होने वाला अंतिम बाजार होगा, लेकिन कैलिफोर्निया में अप्रैल के अंत या मई से उत्पादों की कमी शुरू हो सकती है.

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