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लो-कैलोरी पोहा vs फाइबर से भरपूर परांठा, नाश्ते में स्वाद के साथ सेहत का मेल, जानें किसे खाने से क्या मिलेगा

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Jeevan Ayurveda

 सुबह का नाश्ता पूरे दिन की ऊर्जा और सेहत की नींव माना जाता है. भारतीय घरों में पोहा और परांठा दो ऐसे ऑप्शन हैं जो अक्सर ब्रेकफास्ट टेबल पर नजर आते हैं. दोनों ही स्वादिष्ट, जल्दी बनने वाले और पसंद के अनुसार बदले जा सकने वाले हैं. लेकिन सवाल यही है कि अगर हेल्थ को ध्यान में रखा जाए तो पोहा बेहतर है या परांठा?. चलिए आपको इन दोनों के बारे में बताते हैं.

परांठा कितना फायदेमंद?
सबसे पहले बात परांठे की करें तो यह आमतौर पर गेहूं के आटे से बनता है, जो कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट का अच्छा सोर्स है. इसका मतलब है कि यह धीरे-धीरे ऊर्जा देता है और आपको लंबे समय तक एक्टिव बनाए रखता है. यही वजह है कि परांठा खाने के बाद जल्दी भूख नहीं लगती. परांठे में फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है, खासकर जब यह साबुत आटे से बनाया गया हो. यह पाचन को बेहतर बनाता है और ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है. अगर इसमें पनीर, दाल या पालक जैसी स्टफिंग जोड़ दी जाए तो यह प्रोटीन से भरपूर हो जाता है, जो मसल्स के लिए फायदेमंद है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है.

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कब होता है हेल्दी?
हालांकि, परांठा हेल्दी तभी माना जाएगा जब इसे कम तेल या घी में बनाया जाए. आप इसमें रागी या ओट्स का आटा मिलाकर इसे और ज्यादा पौष्टिक बना सकते हैं. इसके साथ ही, मक्खन या अचार की जगह दही या सलाद के साथ खाना इसे और बैलेंस्ड बना देता है.

पोहा कितना बेहतर?
अब बात पोहा की करें तो यह हल्का और आसानी से पचने वाला नाश्ता है. चपटा चावल यानी पोहा जल्दी बन जाता है और पेट पर ज्यादा भारी नहीं पड़ता, इसलिए खासतौर पर गर्मी या उमस वाले मौसम में यह एक अच्छा विकल्प माना जाता है. पोहा कैलोरी और फैट में कम होता है, जो वजन कंट्रोल करने वालों के लिए फायदेमंद है. यह शरीर को जरूरी कार्बोहाइड्रेट देता है, जिससे दिन की शुरुआत के लिए पर्याप्त ऊर्जा मिलती है, लेकिन भारीपन महसूस नहीं होता.

इसके अलावा, पोहा आयरन का भी अच्छा सोर्स है, खासकर अगर इसे लोहे की कढ़ाही में बनाया जाए. इसमें मटर, गाजर और प्याज जैसी सब्जियां डालने से फाइबर और विटामिन्स की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे पाचन बेहतर होता है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है.

कौन होता है फायदेमंद?
तो आखिर कौन ज्यादा हेल्दी है पोहा या परांठा? दिल्ली के पीतमपुरा स्थित प्राकृतिक डाइट क्लिनिक की डॉ. शिवानी सीकड़ी बताती हैं कि अगर आप हल्का, लो-फैट और आसानी से पचने वाला नाश्ता चाहते हैं, तो पोहा बेहतर विकल्प है. वहीं, अगर आपको ज्यादा देर तक पेट भरा रखना है और ज्यादा ऊर्जा चाहिए, तो परांठा सही रहेगा.

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