Home राज्य राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मिलकर राधे-राधे से...

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मिलकर राधे-राधे से किया स्वागत

24
0
Jeevan Ayurveda

मथुरा

ब्रज प्रवास के दूसरे दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की. राधा केली कुंज आश्रम में  दोनों के बीच करीब 27 मिनट तक बातचीत हुई. आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज ने राधे-राधे कहकर राष्ट्रपति का स्वागत किया. इसके बाद दोनों के बीच आध्यात्म, समाज और ब्रज की परंपरा को लेकर चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने नाम जप की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यही मनुष्य के जीवन के उद्धार का सरल मार्ग है।

Ad

मुलाकात के दौरान आश्रम की ओर से राष्ट्रपति को प्रसाद स्वरूप दुपट्टा, माला और प्रसाद भेंट किया गया. इस दौरान राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ मौजूद रहीं. इससे पहले दौरे के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रेम मंदिर पहुंचकर भगवान राधा-कृष्ण के दर्शन किए थे. मंदिर में उनका प्रवेश भोग घर द्वार से हुआ, जहां मंदिर प्रबंधन की ओर से उनका स्वागत किया गया. गर्भगृह में पहुंचकर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुईं. उस समय संकीर्तन मंडली द्वारा भजन गाए जा रहे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्ति में डूबा हुआ था. राष्ट्रपति ने मंदिर में आयोजित लेजर शो भी देखा और दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण किया. इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर की परिक्रमा की।

प्रथम तल पर भी किया पूजन

प्रेम मंदिर के प्रथम तल पर पहुंचकर राष्ट्रपति और राज्यपाल ने श्री सीता-राम सहित अन्य विग्रहों के दर्शन किए. वहां भी उन्होंने विधिपूर्वक पूजा की और परिक्रमा की. मंदिर प्रबंधन की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह और धार्मिक साहित्य भेंट किया गया. अपने कार्यक्रम के अगले चरण में राष्ट्रपति ने इस्कॉन मंदिर (श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर) का दौरा किया. यहां मंदिर के संतों और पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति ने मुख्य मंदिर में जाकर भगवान कृष्ण-बलराम के दर्शन किए और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की. उन्होंने पूजा सामग्री अर्पित की और कुछ समय मंदिर में ध्यान भी लगाया. मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य को उन्होंने देखा और सराहा. इसके साथ ही उन्होंने कीर्तन भी सुना, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं रहीं सुदृढ़
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पूरे वृंदावन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही. मंदिर परिसरों में भी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी गईं. ब्रज प्रवास के दूसरे दिन की शुरुआत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के साथ हुई, जिसने इस दौरे को खास बना दिया. यह मुलाकात आस्था और संवाद का संतुलित उदाहरण रही, जहां देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद और संत परंपरा के बीच सहज बातचीत देखने को मिली।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here