Home राज्य धान किसानों की समृद्धि में सहायक बनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार

धान किसानों की समृद्धि में सहायक बनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार

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59 दिन में 1.39 लाख से अधिक किसानों से 8.28 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुई धान की खरीद

धान बिक्री के लिए 5.44 लाख से अधिक किसान हुए पंजीकृत, प्रदेश में 4225 क्रय केंद्र स्थापित

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से चल रही धान खरीद

“समृद्ध किसान, सशक्त उत्तर प्रदेश” की परिकल्पना को हकीकत में बदल रही योगी सरकार

लखनऊ,

योगी सरकार “समृद्ध किसान, सशक्त उत्तर प्रदेश” की परिकल्पना को हकीकत में बदल कर प्रदेश के धान किसानों की समृद्धि में सहायक बन रही है। सीएम योगी के निर्देश पर समय-समय पर धान खरीदारी की समीक्षा हो रही है। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, खाद्य व रसद विभाग लगातार इसकी मॉनीटरिंग कर रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहली अक्टूबर व पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहली नवंबर से चल रही धान खरीद को किसानों का साथ मिल रहा है। आंकड़े देखें तो पहली अक्टूबर से 28 नवंबर तक (59 दिन) में 1.39 लाख से अधिक किसानों से 8.28 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कर ली गई है। वहीं धान बिक्री के लिए 5.44 लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण भी करा लिया है। लक्ष्य से आगे बढ़कर प्रदेश में 4225 क्रय केंद्र भी स्थापित हो गए हैं।

1.39 लाख किसानों से की गई 8.28 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद
किसान क्रय केंद्रों पर जाकर धान बिक्री कर रहे हैं, जिससे उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल रहा है। 28 नवंबर की शाम तक 1,39,040 किसानों से 8.28 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं धान खरीद सत्र 2025-26 के लिए 5,44,502 किसानों ने अपना पंजीकरण भी करा लिया है। धान खरीद के लिए प्रदेश में 4225 क्रय केंद्र भी स्थापित हो चुके हैं। सीएम योगी के निर्देश पर किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान की भी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

जमीनी स्तर पर दिख रहे योगी सरकार के प्रयास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिक से अधिक किसानों से क्रय केंद्रों पर धान की खरीद कराने का निर्देश दिया था, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके। उत्तर प्रदेश में धान खरीद प्रणाली को लेकर योगी सरकार के सुधार अब ज़मीनी स्तर पर मजबूती से दिखाई दे रहे हैं। ई-पॉप मशीनों से बायोमीट्रिक सत्यापन, पंजीकृत किसानों को ही खरीद की सुविधा, बिचौलियों की समाप्त होती भूमिका और 48 घंटे में भुगतान जैसी प्रक्रियाओं ने मंडी व्यवस्था को पारदर्शी बना दिया है। रिकॉर्ड स्तर की धान खरीद, राइस मिलों को मिली राहत और किसानों के लिए की गई सुविधाओं ने उनकी आमदनी, भरोसे और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दी है। “समृद्ध किसान, सशक्त उत्तर प्रदेश” की परिकल्पना अब वास्तविकता में बदल रही है।

2369 रुपये कॉमन तथा 2389 रुपये (ग्रेड-ए) प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद
धान खरीद 2369 रुपये कॉमन तथा 2389 रुपये (ग्रेड-ए) प्रति कुंतल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर हो रही है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, झांसी व लखनऊ संभाग के जनपद (लखीमपुर खीरी, हरदोई व सीतापुर) में पहली अक्टूबर से धान खरीद चल रही है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के अयोध्या, आजमगढ़, कानपुर, चित्रकूट, देवीपाटन, प्रयागराज, गोरखपुर, मीरजापुर, बस्ती, वाराणसी व लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली व लखनऊ में पहली नवंबर से धान खरीद हो रही है।

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