Home मनोरंजन दीपिका कक्कड़ को गंभीर लिवर समस्या, सर्जरी के बाद लंबा रिकवरी पीरियड

दीपिका कक्कड़ को गंभीर लिवर समस्या, सर्जरी के बाद लंबा रिकवरी पीरियड

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Jeevan Ayurveda

मुंबई

दीपिका कक्कड़ पिछले कुछ महीने से बहादुरी से  स्टेज 2 लिवर कैंसर का सामना कर रही है। भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया के साथ हाल ही में एक पॉडकास्ट में, उन्होंने अपने इलाज और इस दौरान परिवार के मिले प्यार और समर्थन पर खुलकर बात की। जब उनसे पुछा गया कि जब आप शराब या किसी तरह का नशा नहीं करती तो कैंसर कैसे हो गया? इस पर दीपिका ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया है कि इस बीमारी के होने की कोई साफ वजह नहीं बताई जा सकती। हकीकत यह है कि कोई नहीं जानता कि मुझे ये कैसे हुआ।

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अब होगा दीपिका का FAPI स्कैन
बातचीत के दौरान, दीपिका ने बताया कि इस हफ़्ते उनका FAPI स्कैन फिर से होगा। उन्होंने बताया कि FAPI स्कैन, CT स्कैन जैसा ही होता है, हालांकि इसे विशेष रूप से शरीर में कैंसर कोशिकाओं का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इससे डॉक्टरों को सर्जरी या इलाज शुरू करने से पहले यह पता लगाने में मदद मिलती है कि कैंसर कितनी दूर तक फैल चुका है। दीपिका ने बताया कि कैसे सर्जरी से कैंसर कोशिकाओं को हटाने में मदद मिली और तब से, वे रक्त और ट्यूमर मार्कर परीक्षणों के माध्यम से उनकी रिकवरी पर नज़र रख रहे हैं।

दो साल तक चलेगा इलाज
दीपिका ने बताया था कि सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने उनके लिवर का करीब 22% हिस्सा और 11 सेंटीमीटर लंबा ट्यूमर हटा दिया था। सर्जरी के बाद अब वह 'टार्गेटेड थैरेपी' ले रही हैं। इस इलाज में उन्हें हर दिन दवाई के रूप में टैबलेट लेनी पड़ती है, जो शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने में मदद करती है। उन्होंने कहा-  यह उपचार दो साल तक चलेगा, इस दौरान हम यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहेंगे कि बीमारी दोबारा न हो। इसलिए हर चीज़ पर नज़र रखने के लिए समय-समय पर स्कैन जरूरी हैं।"

दर्द को एसिडिटी  मानते रहे डॉक्टर
कैंसर के कारण के बारे में पूछे जाने पर, दीपिका ने बताया कि मैंने जितने भी डॉक्टरों से सलाह ली, उन सभी ने एक ही बात कही इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी परेशानी पेट दर्द से शुरू हुई थी। उन्हें काफी समय से गॉल ब्लैडर में दर्द हो रहा था, जब उन्होंने रुहान को कंसीव किया था। डिलीवरी के बाद भी जब दर्द होता, तो डॉक्टर इसे एसिडिटी मानकर दवा देते और कुछ दिन में आराम मिल जाता। लेकिन धीरे-धीरे दर्द बढ़ता गया और दोनों तरफ होने लगा। तब उन्होंने शोएब से  ब्लड टेस्ट करवाने काे कहा था।

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