Home मध्य प्रदेश इंस्पेक्शन के बाद राजेंद्र शुक्ल का फरमान, फार्मासिस्ट रहित दवा दुकानें बंद

इंस्पेक्शन के बाद राजेंद्र शुक्ल का फरमान, फार्मासिस्ट रहित दवा दुकानें बंद

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सतना
 मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने  सतना जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें वार्डों में बिस्तरों पर मैली चादरें मिलीं। हॉस्पिटल में गंदगी देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। इसके साथ ही, उन्होंने मेडिकल शॉप के संबंध में ड्रग कंट्रोलर को सख्त निर्देश दिए हैं।

दरअसल, सतना में स्वास्थ्य सेवाओं के निरीक्षण के दौरान डेप्युटी सीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले की जिन दवा दुकानों में फार्मासिस्ट नहीं हैं, उन्हें तत्काल बंद किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। डेप्युटी सीएम ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की।

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गलत दवा से जीवन संकट में न पड़े
स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल शॉप पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, 'दवा दुकानें लोगों का जीवन बचाने के लिए होती हैं। गलत दवा से उनका जीवन संकट में पड़ जाए, यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा।' उन्होंने सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को जिले भर में ऐसी दुकानों की सघन जांच करने और बिना फार्मासिस्ट वाली दुकानों को बंद करने का कड़ा निर्देश दिया।

मैली चादरें देख भड़के स्वास्थ्य मंत्री
निरीक्षण के दौरान राजेंद्र शुक्ल को वार्डों में कई बिस्तरों पर चादरें मैली मिलीं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की पहचान उसकी साफ-सफाई से होती है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा जमीन पर बिछे गद्दों पर भी बेडशीट न देखकर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया। जब उन्हें बताया गया कि लॉन्ड्री का काम आउटसोर्स पर है, तो उन्होंने व्यवस्था को ठीक न बताते हुए इस पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी नजर रखने को कहा।

स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार के निर्देश
निरीक्षण के बाद हुई समीक्षा बैठक में डेप्युटी सीएम ने जिला अस्पताल से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार लाने पर जोर दिया। उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए लगातार प्रयास करने को कहा।

नया 150 बेडेड अस्पताल को लेकर दी जानकारी
स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल परिसर में 32.54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 150 बिस्तरों के नए अस्पताल के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने एजेंसी को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 तक (तय समय-सीमा से दो माह पूर्व) पूरा किया जाए।उन्होंने यह भी कहा कि यदि रोगी के पास आयुष्मान कार्ड है, तो कलेक्टर और सीएमएचओ जिला स्तर से ही निर्णय लेकर एयर एंबुलेंस की सुविधा दे सकते हैं।

 

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