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स्वस्थ्य जीवनशैली के लिए हमें तेल, चीनी और नमक थोड़ा कम करना होगा: मंत्री अनुप्रिया पटेल

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कम, कम, कम… केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया स्वस्थ जीवनशैली का मंत्र

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने स्वस्थ भारत को ही समृद्ध और विकसित भारत की नींव बताया 

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स्वस्थ्य जीवनशैली के लिए हमें तेल, चीनी और नमक थोड़ा कम करना होगा: मंत्री अनुप्रिया पटेल 

भोपाल
एक निजी संवाद कार्यक्रम के लिए राजधानी भोपाल पहुंची केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री व अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने स्वस्थ भारत को ही समृद्ध और विकसित भारत की नींव बताते हुए कहा कि स्वस्थ्य जीवनशैली के लिए हमें तेल, चीनी और नमक थोड़ा कम करना होगा, साथ ही तेजी से बढ़ते मोटापे की समस्या को भी ध्यान में रखना होगा। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए अनुमान जताया कि 2050 तक देश के 44 करोड़ लोग मोटापे का शिकार हो सकते हैं। वहीं वर्तमान में देश की 24 फीसदी महिलाएं व 23 फीसदी पुरुष मोटापे से ग्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि मोटापे के खिलाफ लड़ाई को हम सब को मिलकर लड़ना है। 

केंद्रीय राज्य मंत्री ने मध्य प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि, मोटापे के खिलाफ इस लड़ाई में आप सभी हमारा साथ दें और अपने आहार को संतुलित रखें, तेल कम, चीनी कम, नमक कम के मंत्र के साथ स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं। इस कार्यक्रम में अपना दल (एस) मध्य प्रदेश इकाई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान मध्य प्रदेश प्रभारी व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आर बी सिंह पटेल, राष्ट्रीय महासचिव 'युवा मंच' डॉ अखिलेश पटेल, राजनीतिक रणनीतिकार डॉ अतुल मलिकराम, वरिष्ठ पदाधिकारी अर्जुन सिंह पटेल, देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश कार्यालय सचिव रोहित चंदेल व अन्य उपस्थित रहे।   

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प करोड़ों देशवासियों ने साथ मिलकर लिया है। 2047 में हम विकसित भारत की बात करते हैं तो यह लाजमी हो जाता है कि जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा तब देश की सेहत कैसी होनी चाहिए, मध्य प्रदेश की सेहत कैसी होनी चाहिए। आज देश के ऐसे बहुत सारे ग्रामीण इलाके और पिछड़े इलाके हैं, उनमें खासतौर से विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता की चुनौती है। 2047 में हमें ऐसा भारत नहीं चाहिए, अगर 2047 में ऐसा भारत नहीं चाहिए तो काम तो अभी से करना पड़ेगा। इस दिशा में हमने काम शुरू कर दिया है।

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