Home मध्य प्रदेश भोपाल में लव जिहाद का अड्डा बने कैफे- क्लब-90 के रिसार्ट वाले...

भोपाल में लव जिहाद का अड्डा बने कैफे- क्लब-90 के रिसार्ट वाले हिस्से को बुलडोजर चलाकर किया ध्वस्त

107
0
Jeevan Ayurveda

भोपाल
हिंदू लड़कियों से दुष्कर्म करके उन्हें ब्लैकमेल करने के मामले में भोपाल शहर के उस कैफे- क्लब-90 के रिसार्ट वाले हिस्से को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया, जिसे मुस्लिम युवाओं ने लव जिहाद का अड्डा बना रखा था। यह कार्रवाई यहां जांच के लिए झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम के पहुंचने के दो घंटे बाद की गई।

जिला-प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों ने बुलडोजर चलाकर इसका ध्वस्तीकरण कराया। हालांकि यह कैफे नगर निगम का है, जिसे लीज पर दिया गया है, लेकिन इसके संचालक ने यहां छह अतिरिक्त कमरों का निर्माण कराकर उन्हें रिसार्ट में तब्दील कर दिया था। इसे अवैध निर्माण मानकर कार्रवाई की गई।
 
महिला आयोग ने नगर निगम के अधिकारियों को लगाई फटकार
    पुलिस के अनुसार, दुष्कर्म का आरोपी फरहान का गिरोह हिंदू छात्राओं को इन्हीं कमरों में लेकर आता था। एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नगर निगम की लीज निरस्त करने के बाद क्लब-90 के कैफो को भी सील कर दिया गया है।
    सूत्रों का कहना है कि महिला आयोग के जांच टीम ने यहां अवैध हिस्से में बनाए गए कमरों को लेकर नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई थी। जांच दल ने पूछा कि अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यदि लंबे समय से यहां संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं तो लीज निरस्त करनी चाहिए थी।
    सकल हिंदू समाज की महिलाओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन देकर सारिक मछली नाम के व्यक्ति पर कैफे क्लब-90 संचालन की आड़ में गिरोह संचालन का आरोप लगाया था।
 
फरहान को स्कॉलरशिप मिलती थी

राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने टेक्नोक्रेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (टीआईटी) कॉलेज का भी दौरा किया। उनकी जांच में कालेज में महिला सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी मिले, वहां छात्राओं के उत्पीड़न की शिकायतों के लिए विशाखा कमेटी सिर्फ नाम के लिए बनी पाई गई।

Ad

टीम यह जानकार चौंक गई कि यहां पढ़ने के दौरान दुष्कर्म के मुख्य आरोपी फरहान को कॉलेज की ओर से 55 हजार रुपये की स्कॉलरशिप भी मिल रही थी, जबकि उसकी हाजिरी बहुत कम थी, फिर भी उसे परीक्षा में बैठने दिया गया।
 
वहीं, आयोग की टीम ने तीन पीड़िताओं को होटल में बुलाकर उनके बयान लिए। आयोग की जांच टीम ने सुबह डीपी कैलाश मकवाना और भोपाल के पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र से करीब एक घंटे मुलाकात की। पूरे प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। आयोग की टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों को पीड़ित छात्राओं को प्रतिकर राशि दिलवाने का भी निर्देश दिया है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here