Home देश Russian Oil Import: भारत ने फिर बढ़ाई रूस से तेल की खरीद,...

Russian Oil Import: भारत ने फिर बढ़ाई रूस से तेल की खरीद, रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा आयात

19
0
Jeevan Ayurveda

 नई दिल्ली
अमेरिका-ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध (US-Iran War) से ग्लोबल टेंशन फिर से चरम पर पहुंच गई है और होर्मुज स्ट्रेट बंद (Hormuz Strait Closure) होने के चलते दुनिया के तमाम देशों के सामने तेल-गैस का संकट गहराने लगा है. वहीं दूसरी ओर भारत की बात करें, तो मिडिल ईस्ट के देशों तनाव के बीच भारत ने अपने तेल आयात में विविधता लाने का जो कदम Plan-B के तहत उठाया, उसका फायदा मिल रहा है। 

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भी भारत लगातार रूसी तेल खरीदने (India's Russian Oil Import) में लगा है और ताजा आंकड़े देखें, तो जून महीने में भारत की रूसी तेल आयात रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया, इसमें 34 फीसदी का जबर्दस्त उछाल दर्ज किया गया है। 

Ad

CREA की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा 
पीटीआई की रिपोर्ट में सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के हवाले से बताया गया है कि रूस के कुल तेल निर्यात राजस्व में गिरावट के बावजूद, भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात बीते जून में रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया, जो इससे पिछले मई महीने की तुलना में 34% अधिक रहा। 

डेटा पर नजर डालें, तो भारत ने जून में 4.5 अरब यूरो मूल्य का रूसी कच्चा तेल खरीदा, जो उसके कुल 5.5 अरब यूरो के रूसी जीवाश्म ईंधन आयात का 83% है. इस आंकड़े के साथ भारत चीन के बाद रूसी ईंधन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना है. वहीं जून में चीन रूस का सबसे बड़ा ग्राहक बना रहा, जिसने 7.3 अरब यूरो की खरीदारी की। 

रिफाइनरियों की आपूर्ति में उछाल
भारत के कुल कच्चे तेल आयात में महीने-दर-महीने 5.4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है और यह उछाल प्रमुख रिफाइनरियों को रूसी आपूर्ति में इजाफे के चलते देखने को मिली है. रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी को सप्लाई जून में मई के मुकाबले 150% बढ़ गई, जबकि इंडियन ऑयल कॉर्प (IOCL) की पारादीप रिफाइनरी में आयात 126% बढ़ा. CREA का कहना है कि BPCL की कोच्चि रिफाइनरी 82% और नायरा एनर्जी की वडीनार रिफाइनरी में 45% की वृद्धि हुई है। 

Russian Oil की खरीद, फिर एक्सपोर्ट
न सिर्फ भारत की रूसी कच्चे तेल से तैयार ईंधन के ग्लोबल व्यापार में बड़ी भूमिका बनी हुई है. यही नहीं रूस से तेल का आयात करते भारत, तुर्की, ब्रुनेई और जॉर्जिया की रिफाइनरियों ने जून में रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों को जमकर तेल प्रोडक्ट का निर्यात भी किया. यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका को 814 मिलियन यूरो मूल्य के तेल उत्पादों का निर्यात किया गया। 

बात अमेरिका को निर्यात की करें, तो इसमें भारत की जामनगर रिफाइनरी, तुर्की में SOCAR के स्वामित्व वाली STAR रिफाइनरी और तुप्रास इजमित रिफाइनरी आगे है. सीआरईए के आंकड़ों के मुताबिक, बीते तीन महीनों में, तुप्रास इजमित रिफाइनरी के कच्चे तेल का 60% और जामनगर रिफाइनरी के कच्चे तेल का 27%  रूस से आया था और इनके द्वारा US को निर्यात किया गया। 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here