नई दिल्ली
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया साथ ही बीजेपी में विलय होने की घोषणा की. राघव चड्ढा ने अपने ही साथ ही आठ नाम और गिनाए जो बीजेपी में जाने वाले हैं. दिलचस्प है कि 15 दिन पहले राघव चड्ढा को हटाकर जिन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाया था, वह अशोक मित्तल भी अब बीजेपी में जा रहे हैं।
'मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं'
राघव चड्ढा ने प्रेस कांफ्रेंस में भारी मन से कहा कि आम आदमी पार्टी अपने उन आदर्शों और बुनियादी मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए इसे बनाया गया था. उन्होंने अपनी स्थिति तय करते हुए कहा, 'मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं।
दो तिहाई से अधिक सांसद बीजेपी में हो रहे शामिल- राघव चड्ढा
इस दौरान उन्होंने 8 सांसदों के नाम गिनाए, जो अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं. राघव चड्ढा ने बताया कि इस मर्जर, इस्तीफे आदि की कागजी कार्रवाई उन्होंने पूरी कर ली है. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राज्यसभा में पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने बीजेपी में विलय का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि AAP के कुल 10 राज्यसभा सांसद हैं और इनमें से 2/3 से ज्यादा इस फैसले के साथ हैं।
भाजपा में कर लेंगे विलय
राघव चड्ढा ने राज्य सभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए भाजपा में विलय कर लेंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी जानकारी दी कि स्वाति मालीवाल और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह भी भाजपा में शामिल होंगी।
'गलत पार्टी में सही आदमी'
राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने अपने खून-पसीने से पार्टी को सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए। उनके अनुसार, पार्टी अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से पूरी तरह भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब देश या राष्ट्रीय हित के लिए काम नहीं कर रही है। बल्कि, यह व्यक्तिगत लाभ के लिए कार्य कर रही है। चड्ढा ने महसूस किया कि वह गलत पार्टी में सही आदमी हैं।
मेरा मकसद देश के लिए कुछ बड़ा करने का- संदीप पाठक
संदीप पाठक ने इस दौरान कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था ये स्थिति आएगी, और ये आ गई। मैं किसान परिवार से आया फिर पढ़ाई लिखाई की। मैं राजनीति में सिर्फ इस मकसद से आया कि देश के लिए कुछ बड़ा कर सकूं। देश सेवा के मकसद से ही आम आदमी पार्टी में जुड़ा था।
कैसे बिगड़ी थी बात
दरअसल केजरीवाल और राघव चड्ढा में दूरियां उसी दिन से नजर आने लगी थी जब केजरीवाल जेल में थे और राघव अपनी पत्नी परिनीति के साथ लंदन में घूमते व मस्ती की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे थे। राघव को लोकसभा चुनाव में भी पंजाब से दूर रखा गया। औपचारिक तौर पर वे श्री आनंदपुर साहब सीट पर नजर आए थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा पार्टी के अहम मुद्दों पर अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहे थे।
विपक्ष जहां इसे आप के अंदरूनी मतभेद का संकेत बता रहा है। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और नए उपनेता डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने इसे एक सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया करार दिया है, जिसका मकसद अन्य सांसदों को भी जिम्मेदारी देना है।
राघव चड्ढा के मुताबिक, सभी सांसदों ने इस संबंध में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और इन्हें राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि तीन सांसद उनके साथ मौजूद हैं, जबकि अन्य में हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं।
1. स्वाति मालीवाल: जनवरी 2024 में निर्वाचित.
2. अशोक कुमार मित्तल: पंजाब.
3. संजीव अरोड़ा: पंजाब
4. संदीप पाठक: पंजाब
5. हरभजन सिंह: पंजाब
6. बलबीर सिंह सीचेवाल: पंजाब
7. विक्रमजीत सिंह साहनी: पंजाब









