Home अध्यात्म देवउठनी एकादशी की रात भूलकर भी न करें ये गलती, वरना रुक...

देवउठनी एकादशी की रात भूलकर भी न करें ये गलती, वरना रुक सकता है भाग्य उदय!

58
0
Jeevan Ayurveda

देवउठनी एकादशी का आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यह भगवान विष्णु के जागरण और विवाह, गृहप्रवेश व धार्मिक अनुष्ठानों जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत की प्रतीक है, जो चातुर्मास काल के दौरान रुके हुए थे। भक्त इस पवित्र दिन

देवउठनी एकादशी की तिथि
तिथि प्रारंभ: 1 नवम्बर 2025, रात्रि 11:48 बजे
तिथि समाप्त: 2 नवम्बर 2025, रात 9:42 बजे
इसलिए व्रत व पूजा 2 नवम्बर 2025 (रविवार) को की जाएगी।

Ad

देवउठनी एकादशी उपाय
देवउठनी एकादशी की रात घर के मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ गाय के घी के दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है, सुख-शांति बनी रहती है और परिवार में धन-धान्य की वृद्धि होती है।

इस रात पीपल के पेड़ के नीचे एक दीपक अवश्य जलाएं और सात बार उसकी परिक्रमा करें। ऐसा करने से आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है और धन प्राप्ति के योग बनते हैं।

देवउठनी एकादशी की रात रसोईघर में भी एक दीपक जलाना चाहिए, क्योंकि यह माता अन्नपूर्णा का पवित्र स्थान माना जाता है। यहां दीपक जलाने से घर में अन्न का भंडार सदैव भरा रहता है।

इस दिन तुलसी पूजा का भी बहुत महत्व है। संध्या समय तुलसी माता के समीप घी के पांच दीपक जलाएं। तुलसी देवी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है, इसलिए ऐसा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है और लक्ष्मी जी की कृपा भी बनी रहती है।

दीपक जलाते समय बोले ये मंत्र
दीपज्योति: परब्रह्म: दीपज्योति: जनार्दन:।
दीपोहरतिमे पापं संध्यादीपं नामोस्तुते।।
शुभं करोतु कल्याणमारोग्यं सुखं सम्पदां।
शत्रुवृद्धि विनाशं च दीपज्योति: नमोस्तुति।।

दीपक जलाने के नियम
दीपक की लौ पूर्व दिशा की ओर रखने से आयु में वृद्धि होती है।
दीपक की लौ पश्चिम दिशा की ओर रखने से दुख बढ़ता है।
दीपक की लौ उत्तर दिशा की ओर रखने से धन लाभ होता है।
दीपक की लौ कभी भी दक्षिण दिशा की ओर न रखें, ऐसा करने से जन या धनहानि होती है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here