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भाजपा छोड़ जनसुराज में शामिल हुए यूट्यूबर मनीष कश्यप: पटना के बापू सभागार में प्रशांत किशोर ने दिलाई सदस्यता

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पटना

चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप ने प्रशांक किशोर की जन सुराज का दामन थाम लिया है। सोमवार उन्होने जन सुराज पार्टी की सदस्यता ली। इस दौरान प्रशांत किशोर ने स्वागत करते हुए कहा कि बिहार में व्यवस्था परिवर्तन की चाहत रखने वाले सभी लोगों को साथ आना चाहिए। जन सुराज ज्वाइन करने के मौके पर मनीष कश्यप ने कहा कि वो भाजपा में 13 महीने रहे। इस बार का चुनाव बिहार के भाग्य का चुनाव है। कश्यप ने दावा करते हुए कहा कि अगला 5 साल आपका होगा। बिहार की हकीकत आप सबको पता है। बिहार में कोई सुरक्षित नहीं है। बिहार को अगर सुरक्षित करना चाहते हैं तो जन सुराज की सरकार बनाए।

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इससे पहले मनीष कश्यप ने सोशल मीडिया पर प्रशांत किशोर, जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के साथ तस्वीरें शेयर की थी। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि 7 जूलाई को बापू सभागार। उन्होंने आगे लिखा, बुझी हुई आश जलाएंगे हम, घर-घर रोशनी पहुंचाएंगे हम, पलायन का दर्द मिटाएंगे हम, फिर से नया बिहार बनाएंगे हम।

आपको बता दें बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में मनीष चनपटिया सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे। हालांकि, तब वो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे। और तीसरे नंबर पर रहे थे। इस सीट से बीजेपी के उमाशंकर सिंह ने जीत दर्ज की थी। इस बार भी मनीष कश्यप के चनपटिया सीट से ही चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई है। वहीं प्रशांत किशोर ऐलान कर चुके हैं कि जन सुराज बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी

वैसे विवादों से मनीष कश्यप का पुराना नाता रहा है। हाल ही में पीएमसीएच में मनीष कश्यप की डॉक्टरों के साथ मारपीट का मामला छाया रहा था। इससे पहले सारण जिला प्रशासन ने 11 यूट्यूब चैनल पर FIR दर्ज की थी। जिन पर एकतरफा खबरें चलाने का आरोप है। इन चैनलों में मनीष कश्यप का नाम भी शामिल था। मनीष कश्यप पर कानूनी शिकंजा तब कसा था, जब तमिलनाडु में बिहार के लोगों के खिलाफ हिंसा को लेकर एक वीडियो सामने आया था।

जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये वीडियो मनीष ने फर्जी तरीके से अपने चैनल पर दिखाया है। जिसके बाद तमिलनाडु पुलिस ने गलत बताते हुए केस दर्ज किया था। तमिलनाडु सरकार ने मनीष कश्यप पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की थी। तमिलनाडु में उसके खिलाफ 6 मामले दर्ज हुए थे। 9 महीने बाद मनीष को जेल से रिहाई मिली थी।

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