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सिंहस्थ में भीड़, यातायात और पार्किंग प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग किया जाएगा

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 भोपाल
 उज्जैन में वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ में भीड़, यातायात और पार्किंग प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) का भी उपयोग किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रबंध के लिए ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इसी वर्ष प्रयागराज महाकुंभ में इन तकनीकों के सफल प्रयोग के बाद इन्हें यहां भी अपनाया जाएगा।

सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों को लेकर पुलिस मुख्यालय में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें प्रयागराज कुंभ की व्यवस्थाओं में बड़ी भूमिका निभाने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के आइपीएस अधिकारी प्रेम कुमार गौतम ने वहां किए गए प्रबंध के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया।

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रीयल-टाइम ट्रैफिक मानीटरिंग की जाएगी

गौतम ने बताया कि स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए एआइ आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर की स्थापना, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएस) द्वारा रीयल-टाइम ट्रैफिक मानीटरिंग की गई। ड्रोन से प्रमुख मार्गों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सटीक पर्यवेक्षण किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रूट डायवर्सन मोबाइल एप बनाकर लाइव ट्रैफिक अपडेट उपलब्ध कराए गए।

आंतकवाद से निपटने की भी तैयारी

साथ ही उन्होंने बताया कि आतंकवाद विरोधी गतिविधियों से निपटने के लिए डाग स्क्वाड, बम डिस्पोजल यूनिट को तैनात किया। डार्कवेब से साइबर खतरों और फेस रिकग्नीशन ट्रैकिंग सिस्टम से संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी गई। वीवीआइपी मूवमेंट और श्रद्धालु सुविधाओं के बारे में भी उन्होंने बताया।

प्रयागराज की तुलना में जगह कम

उज्जैन सिंहस्थ में भी प्रदेश पुलिस इन व्यवस्थाओं को अपनाने की तैयारी कर रही है। सिंहस्थ के लिए अभी लगभग तीन वर्ष होने के कारण पुलिस के पास तैयारी के लिए पर्याप्त अवसर भी है। इसमें लगभग तीन करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, पर बड़ी चुनौती यह है कि प्रयागराज की तुलना में उज्जैन में जगह बहुत कम है, गलियां संकरी हैं।

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