सदन की गरिमा के विपरीत आचरण किया तो, MLA की होगी माइनस मार्किंग

भोपाल

सदन की गरिमा के विपरीत आचरण, सभा की व्यवस्था एवं शांति की स्थापना में असहयोग करना तथा आसंदी द्वारा दी गई व्यवस्था पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने, अवहेलना करने या से अनुचित ठहराने की प्रवृत्ति विधायकों और मंत्रियों के लिए संसदीय उत्कृष्टता के लिए दिए जाने वाले उत्कृष्ट मंत्री या उत्कृष्ट विधायक बनने में बाधक साबित हो सकती है।

मध्यप्रदेश में संसदीय उत्कृष्टता के लिए मंत्री, विधायकों को दिए जाने वाले पुरस्कार के लिए विधायकों और मंत्रियों के परफारमेंस के आंकलन  में इस बार माइनस मार्किंग भी रहेगी।  सदन की गरिमा के विपरीत आचरण के लिए माइनस दस अंक रहेंगे। सभा की व्यवस्था एवं शांति की स्थापना में असहयोग करने पर माइनस पांच अंक दिए जाएंगे। आसंदी द्वारा दी गई व्यवस्था पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने, अवहेलना करने  या उसे अनुचित ठहराने पर माइनस पांच अंक दिए जाएंगे। 

इस बार उत्कृष्ट मंत्री और उत्कृष्ट विधायक के चयन के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा की अध्यक्षता वाली समिति ने अस्सी अंक तय किए है। इस बार भी तीन उत्कृष्ट मंत्री तथा पांच उत्कृष्ट विधायकों का चयन किया जाना है। इसके लिए समिति ने मंत्रियों और विधायकों के परफारमेंस का आकलन शुरू कर दिया है।

प्रतिनिधियों को ऐसे मिलेंगे अंक
इस बार सर्वाधिक अंक सदस्य की सदन में उपस्थिति और सभा के संचालन में गतिरोध की दशा में उससे उबारने के लिए किए गए सहयोग और प्रयास पर मिलेंगे। दोनो कार्यों के लिए दस-दस अंक दिए जाएंगे। सभा में पूछे जाने वाले प्रश्नों की गुणवत्ता और प्रस्तुति के ढंग पर आठ अंक दिए जाएंगे।

संसदीय प्रक्रियाओं के ज्ञान, उनका सदन के भीतर और बाहर पालन, सभा की स्थापित परंपराओं का पालन, रुढ़ियों और प्रभाओं के प्रति दृष्टिकोण प्रक्रिया तथा कार्य संचालन में नियमों में आस्था के लिए सदस्य को सात अंक दिए जाएंगे।

इसके अलावा सदस्य के अनुभव, वाद-विवाद कौशल, जनहित के मुद्दों के संब ंध में जागरुकता, उठाये गऐ मुददों की वैविध्यता और गंभीरता, किसी मुद्दे को प्रस्तुतीकरण का तरीका, भाषा पर नियंत्रण,  अध्यक्ष अथवा पीठासीन अधिकारी के निर्देशों के पालन में बरती गई तत्परता, सदन में नियमित उपस्थिति, अन्य दलों , गुटों के प्रति प्रवृत्ति के अंक दिए जाएंगे। यही पुरस्कार तय करेंगे।

समग्र मूल्यांकन पर दिए जाएंगे 20 पॉइंट
समिति के समग्र मूल्यांकन आधारित विवेकानुसार निर्धारित बीस अंक भी रहेगे। इस तरह सौ अंकों के आधार पर उत्कृष्ट विधायक और मंत्री का चयन किया जाएगा। यह है चयन समिति-सीताशरण शर्मा सभापति, सदस्यों में यशपाल सिंह सिसोदिया, धनश्याम सिंह, बहादुर सिंह चौहान, झूमा सोलंकी, पत्रका विजयदत्त श्रीधर, प्रकाश तिवारी और पदेन सचिव विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह।