भोपाल

29 मई से फिर प्रदेश में झमाझम का होगा दौर शुरू

 भोपाल.

मध्यप्रदेश के कई जिलों में गुरुवार-शुक्रवार की रात तेज हवा चली। भोपाल में रात 3 बजे के बाद मौसम बदला। रात में आंधी भी चली। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में आंधी की रफ्तार 47 Km प्रतिघंटा रही। वहीं, सबसे ज्यादा 74 Km प्रतिघंटे की रफ्तार सीहोर में रही। शाजापुर में 69 Km, अशोकनगर में 66 Km,नीचम में 64 Km, गुना में 63 Km, सागर में 60 Km, छतरपुर में 56 Km, राजगढ़ में 55 Km,ग्वालियर में 55 Km, मंडला में 52 Km,शिवपुरी में 52 Km,सिंगरौली में 51 Km, सिवनी में 49 Km, जबलपुर में 45 Km, बालाघाट में 43 Km, कटनी में 38 Km, पन्ना में 38 Km, शहडोल में 36 Km, अनूपपुर में 34 Km,सतना में 34 Km और इंदौर में 32 Km प्रतिघंटा रफ्तार रही।

मध्यप्रदेश में नौतपा की शुरुआत कमजोर रही। पहले दिन पारा 4.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। गुरुवार-शुक्रवार की रात आंधी चली। शुक्रवार सुबह भी तेज हवाएं चलती रहीं। इससे कई जगह बिजली गुल होने और पेड़ गिरने की सूचना है। दिनभर मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।

 मौजूदा सिस्टम का असर कम होने के कारण बारिश के आसार भी कम हैं, लेकिन 29 मई से एक सिस्टम फिर एक्टिव हो रहा है। इससे जून की शुरुआत भी आंधी-बारिश से ही होगी। बता दें कि मार्च, अप्रैल और मई में प्रदेश में आंधी, ओलावृष्टि और बारिश हुई है। वहीं, जून से मानसून की एंट्री हो जाएगी।

मई के आखिरी सप्ताह में भी गर्मी कम

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि मार्च से मई तक प्री-मानसून एक्टिविटी रहती है। मार्च और अप्रैल के बाद मई में भी बारिश, ओले और तेज हवा का दौर चल रहा है। मौजूदा सिस्टम को देखते हुए पूरे मई माह में मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है। आमतौर पर मई के आखिरी दिनों में तेज गर्मी पड़ने का ट्रेंड है। पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो ग्वालियर में 47 और भोपाल में पारा 46 डिग्री के पार पहुंच जाता है। इंदौर, जबलपुर-उज्जैन समेत बाकी शहर भी गर्म रहते हैं, लेकिन अबकी बार पारा 40-42 डिग्री के आसपास ही है।

सिर्फ खजुराहो-टीकमगढ़ ही गर्म है। पचमढ़ी सबसे ठंडा है। यहां पारा 32.2 डिग्री तक पहुंच गया है।ने बताया कि उत्तरी भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है, लेकिन इसकी अप्रोच कम है। यानी, मध्यप्रदेश में असर ज्यादा नहीं है। इस कारण गुरुवार को बारिश नहीं हुई। शुक्रवार को भी दोपहर तक मौसम साफ रहेगा। इसके बाद बादल छाएंगे, लेकिन बारिश होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। 29 मई को एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आ रहा है। यह जून के पहले सप्ताह तक एक्टिव रह सकता है।

10 साल में 7 बार हुई बारिश

पिछले 10 साल में नौतपा के दौरान सात बार बारिश हुई। भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में पानी बरसा। इस बार भी नौतपा के दौरान बारिश होने के आसार है।