राजनीति

मंत्री उषा ठाकुर ने बागेश्वर सरकार के विरोधियों को बताया देशद्रोही

भोपाल
बागेश्वर धाम के सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर चल रहे विवाद में आरएसएस की भी एंट्री हो गई है। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री पी सी शर्मा ने वैसे तो धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन किया है, लेकिन आरएसएस पर साजिश रचने का आरोप भी लगाया है। शर्मा ने कहा है कि बागेश्वर सरकार को सबसे पहले चुनौती नागपुर की एक संस्था ने दी। नागपुर आरएसएस का मुख्यालय तो है ही, महाराष्ट्र में बीजेपी की ही सरकार है। इसलिए उनके खिलाफ साजिश बीजेपी-आरएसएस के इशारे पर ही रची गई है। दूसरी ओर शिवराज सरकार में संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने धीरेंद्र शास्त्री के विरोधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ठाकुर ने विरोधियों को देशद्रोही करार दिया है।

नागपुर से ही क्यों हुई शुरुआत

नागपुर की अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति ने धीरेंद्र शास्त्री को उनकी शक्तियां साबित करने की चुनौती दी थी। इसके बाद ही ताजा विवाद शुरू हुआ। पी सी शर्मा ने कहा है कि यह सब नागपुर से ही क्यों शुरू हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि बागेश्वर महाराज को हनुमान जी का आशीर्वाद मिला हुआ है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती को निंदनीय बताया है।

सारे विरोधी देशद्रोही

दूसरी ओर, संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने धीरेंद्र शास्त्री का विरोध करने वालों को देशद्रोही बताया है। ठाकुर ने कहा कि ऐसे षडयंत्र वर्षों से हो रहे हैं। जो लोग धीरेंद्र शास्त्री का विरोध कर रहे हैं, वे देशद्रोही हैं। जब-जब सनातन धर्म मजबूत होता है, देशद्रोही इस तरह की साजिशें रचते हैं। जब-जब राष्ट्रद्रोहियों को कष्ट होगा कि सनातन दृढ़ता से मजबूती से खड़ा है, तब तक इस प्रकार के षड्यंत्र बरसों से चले आ रहे हैं। ये जो लोग धीरेंद्र शास्त्री के पीछे पड़े हैं, वे और कुछ नहीं देशद्रोही हैं।