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विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को राजस्थान हाईकोर्ट से मिली जमानत

जयपुर
राजस्थान के धौलपुर जिले में JEN-AEN मारपीट मामले में बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को जमानत मिल गई है। विधायक मलिंगा ने हाल ही में सरेंडर किया था। इसके बाद सीआईडी सीबी ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के निर्देश दिए, लेकिन कोरोना पाॅजिटिव होने की वजह से मलिंगा को हाॅस्पिटल में भर्ती करा गया था। राजस्थान हाईकोर्ट ने मलिंगा व एक अन्य आरोपी रोशन को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने यह आदेश आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। जमानत याचिका में अधिवक्ता रजनीश गुप्ता और सुधीर जैन ने बताया कि आरोपी को प्रकरण में राजनीतिक द्वेषता के चलते फंसाया गया है।

दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मिली जमानत
मलिंगा के वकील ने कोर्ट में कहा कि मेडिकल बोर्ड का ऐसा कोई ओपिनियन भी पेश नहीं है, जिससे यह साबित हो कि संबंधित कर्मचारी को प्राणघातक चोटें आई हों। संबंधित कर्मचारी की कार्यप्रणाली के चलते प्रार्थी ने उसके तबादले की सिफारिश की थी।  इसके अलावा मौके पर कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें प्रार्थी विधायक होने के नाते शामिल हुआ था।  मारपीट में उसका कोई हाथ नहीं है। संबंधित कर्मचारी एससी या एसटी वर्ग का है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाए। वहीं पीड़ित पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपी प्रभावशाली विधायक है और उसने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कहने पर ही सरेंडर किया था। उसके खिलाफ कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, ऐसे में यदि उसे जमानत की गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।

गहलोत के कहने पर किया सरेंडर
उल्लेखनीय है कि बाड़ी विद्युत निगम कार्यालय में एईएन पद पर तैनात पीड़ित ने गत 31 मार्च को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि कार्यालय में मीटिंग के दौरान कांग्रेस विधायक गिर्राज मलिंगा और करीब आधा दर्जन लोग आए और उसके साथ मारपीट की। 11 मई को विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सीएम हाउस पर वार्ता कर सरेंडर कर दिया था। विधायक ने कहा कि वह सीएम गहलोत के कहने पर सरेंडर किया। मुझे मामले में फंसाया गया है। सीआईडी सीबी की टीम विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को धौलपुर सदर थाने लेकर पहुंची थी।

विधायक की गिरफ्तारी कर सीआईडी सीबी ने 12 मई को धौलपुर एससी एसटी कोर्ट में पेश किया था। धौलपुर एससी एसटी कोर्ट ने विधायक की दलीलों को खारिज करते हुए 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए थे। विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर जिला कारागार की जगह उन्हें जिला अस्पताल के कोरोना सेंटर में शिफ्ट किया गया था। इस दौरान विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने जमानत की अर्जी राजस्थान हाईकोर्ट में लगाई थी।