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चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान रविंद्र जडेजा टूर्नामेंट से बाहर

नई दिल्ली
आईपीएल-2022 के शुरू होने से ठीक पहले चेन्नई सुपर किंग्स कप्तान के तौर पर रविंद्र जडेजा की ताजपोशी करता है। हर कोई हैरान था। टीम में धोनी हैं तो जडेजा को कप्तान बनाने की क्या जरूरत? यह सवाल सभी के मन में था। कुछ मैच हुए तो सवाल यह उठा कि जडेजा सिर्फ नाम के कप्तान हैं। लगातार 4 मैच गंवाए तो 4 बार की चैंपियन CSK की आलोचना शुरू हो गई। कुछ मैच और हारे तो अफरा-तफरी के माहौल में जडेजा ने ताज धोनी को वापस कर दिया। फॉर्म अच्छी नहीं थी तो फिर चोट की वजह से वह खुद भी प्लेइंग इलेवन से OUT हो गए।

पूरे सेनेरियो को देखेंगे तो ऐसा नहीं है कि यह आईपीएल में पहली बार हुआ है। हालांकि, चेन्नई की टीम, जो खिलाड़ियों को फैमिली की तरह बांधे रखने और बेहतरीन ट्रीटमेंट के लिए मशहूर है, में ऐसा पहली बार हुआ है। जडेजा के बाहर होने के लिए भले ही चोट वजह रही हो, लेकिन टीम के ऑफिशल इंस्टाग्राम पेज के अपने पूर्व कप्तान को अनफॉलो करना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय रहा।

टीम ने अपने ऑफिशल बयान में कहा कि जडेजा की पसली में चोट है। इसकी वजह से वह पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। मुंबई के खिलाफ मैच के दौरान कप्तान एमएस धोनी से जब उनके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जडेजा की जगह भर पाना मुश्किल है। वह न केवल बॉलिंग और बैटिंग में टीम को एक बेहतर विकल्प देते हैं, बल्कि फील्डिंग में भी उनका कोई तोड़ नहीं है।

डेविड वॉर्नर को तो हैदराबाद ने होटल में बिठा दिया था
जडेजा के बाहर होने के पीछ तो चोट की मामला है, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद ने तो डेविड वॉर्नर को हद तक जलील किया। कप्तानी छोड़ने के बाद उन्हें न केवल प्लेइंग इलेवन से बाहर किया, बल्कि आखिरी के मैचों में तो होटल में ही बिठा दिया। इस बात को लेकर हैदराबाद के फैंस भी गुस्से में थे। हर कोई जानना चाहता था कि आखिरी टीम को IPL चैंपियन बनाने वाले कप्तान के साथ ऐसा बर्ताव कोई टीम कैसे कर सकती है।

गौतम गंभीर के साथ भी हुआ ऐसा
कोलकाता नाइटराइडर्स को दो बार चैंपियन बनाने वाले गौतम गंभीर ने अपना आखिरी आईपीएल मैच दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेला। वह बड़े जोश के साथ 2018 में फ्रेंचाइजी से जुड़े थे। कोलकाता ने 2017 के बाद उन्हें रिटेन नहीं किया था। ऑक्शन के दौरान भी उनपर किसी अन्य फ्रेंचाइजी ने इसलिए दिलचस्पी नहीं दिखाई, क्योंकि वह खुद दिल्ली के लिए खेलना चाहते थे। हालांकि, सिर्फ 6 ही मैच उन्होंने टीम के लिए खेले। जब टीम की परफॉर्मेंस उम्मीद के मुताबिक नहीं रही तो उन्होंने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। युवा मुंबईकर श्रेयस अय्यर ने आगे के मैचों के लिए कमान संभाली और गंभीर सीन से बाहर हो गए।