भोपाल

कोई न छूटे टीकाकरण महाअभियान-4 की सफलता के लिये मुख्यमंत्री चौहान ने माना सभी का आभार

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प्रदेश में 18 वर्ष आयु के सभी पात्र व्यक्तियों को वैक्सीन का प्रथम डोज लगाने के लिये आज कोई न छूटे टीकाकरण महाअभियान-4 चलाया गया। प्रदेश में 11 हजार 472 टीकाकरण केन्द्रों पर रात्रि 9.30 बजे तक 12 लाख 3 हजार 612 नागरिकों को वैक्सीन लगाई गई।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेशवासियों को कोरोना से सुरक्षा कवच देने के लिये वैक्सीनेशन महाअभियान चलाये गये। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को वैक्सीन की पहली डोज लग जाये। कोई न छूटे टीकाकरण महाअभियान-4 का आयोजन इस दिशा में किया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वैक्सीन के पर्याप्त डोज उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहयोग से प्रदेश को नि:शुल्क और आवश्यकतानुसार वैक्सीन उपलब्ध हो रही है।

मध्यप्रदेश में आज सभी जिलों में एक साथ टीकाकरण महाअभियान उत्साहपूर्ण वातावरण में शुरू हुआ। कोई न छूटे टीकाकरण महाअभियान-4 में डोर-टू-डोर सर्वे कर वैक्सीन की पहली डोज से वंचित रहे लोगों को वैक्सीन डोज लगवाई गई। इसके लिये 57 हजार 360 टीकाकर्मियों और 5 हजार सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई गई। ऐसे व्यक्ति, जो शारीरिक असमर्थता अथवा अन्य ऐसे ही कारण से टीकाकरण केन्द्र नहीं पहुँच पा रहे, उनके लिये 1378 मोबाइल टीम द्वारा टीकाकरण किया गया। टोल-फ्री नम्बर 104 और 1075 के माध्यम से लोगों को लगातार सहायता उपलब्ध कराने का कार्य भी किया गया।

मुख्यमंत्री चौहान के लगातार प्रयासों और प्रदेश के जन-भागीदारी मॉडल को अपना कर टीकाकरण महाअभियान-4 को सफलता मिली। मुख्यमंत्री ने जन-प्रतिनिधियों सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रमुखों, धर्मगुरूओं, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और गणमान्य नागरिकों का धन्यवाद भी ज्ञापित किया, जिनके प्रयासों ने वैक्सीनेशन कार्य को गति प्रदान की।

क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों का सहयोग

कोरोना संक्रमण से प्रदेश के हर नागरिक को वैक्सीन का सुरक्षा कवच प्रदान के लिए जिला, ब्लाक एवं ग्राम और वार्ड स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों के सदस्यों ने भी महाअभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। समिति के सदस्यों ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता का काम करते हुए टीकाकरण केन्द्रों पर प्रेरक की भूमिका का निर्वहन भी किया।