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ताइवान ने एफ-16 और मिराज 2000-5 को सड़क पर उतारा ,चीन को करारा जवाब

ताइपे
दक्षिण चीन सागर में चीन और ताइवान के बीच तनाव बेहद गहराता ही जा रहा है। चीन की ओर से लगातार परमाणु बॉम्‍बर भेजे जाने और युद्धाभ्‍यास के बीच ताइवान ने भी ड्रैगन को करारा जवाब देने का अभ्‍यास किया है। ताइवान की सेना ने बुधवार सुबह एक युद्धाभ्‍यास में अमेरिका निर्मित घातक एफ-16 और फ्रांस निर्मित मिराज 2000-5 विमानों को सड़क पर उतारकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है।

ताइवान ने चीन से बढ़ते खतरे को देखते हुए बुधवार सुबह सैन्य अभ्यास किया और चार लड़ाकू विमान जिआदोंग में उतारे। बताया जा रहा है कि एफ-16 विमान उड़ान भरने के बाद दक्षिण पश्चिमी ताइवान में एक राजमार्ग पर कुछ देर के लिए उतरा और इसके बाद उसने फिर से उड़ान भरी। ताइवान के स्वदेशी ‘डिफेंसिफ फाइटर’, अमेरिका निर्मित एफ-16वी और फ्रांस निर्मित मिराज 2000-5 समेत चार सैन्य विमान बुधवार तड़के यह अभ्यास करने के लिए जिआदोंग में उतरे।

ताइवान को पिछले दो वर्ष से चीन से खतरा बढ़ा
यह अभ्यास इसलिए था कि यदि शत्रु बल उनके एयरबेस को नष्ट देते हैं, तो वे क्या करेंगे। ताइवान ने पांच दिवसीय हान गुआंग सैन्य अभ्यास किया है, ताकि वह चीन के किसी भी हमले के लिए द्वीप के बलों को तैयार कर सके। कोविड-19 के कारण लागू प्रतिबंधों से इस साल यह वार्षिक अभ्यास अपेक्षाकृत छोटा रहा। चीन दावा करता है कि ताइवान उसके क्षेत्र में आता है। ताइवान को पिछले दो वर्ष से चीन से खतरा बढ़ा है।

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ताइवान की वायु सेना को डराने और परेशान करने के लिए लगभग रोजाना द्वीप की ओर लड़ाकू विमान उड़ाती है। चीनी लड़ाकू विमानों, पनडुब्बी रोधी विमानों और लड़ाकू पोतों ने अगस्त में ताइवान के पास संयुक्त अभ्यास किया था। इस दौरान चीन ने कहा था कि यह अभ्यास उसकी संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक था। दरअसल, वर्ष 1949 में चीन में कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के साथ गृहयुद्ध के बाद राष्‍ट्रवादी नेता चियां काई-शेक ताइवान भाग गए थे। ताइवान जापान का उपनिवेश रह चुका है। इसके बाद माओ के नेतृत्‍व में कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ने चीन पर नियंत्रण कर लिया था।