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अफगान को तालिबान के हवाले छोड़ने वाले जो बाइडेन की साख को लगा बट्टा

 वाशिंगटन 
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 31 अगस्त तक अफगानिस्तान में तैनात सभी अमेरिकी सैनिकों की वापसी का फैसला किया। उनके इस फैसले के बाद तालिबान ने आक्रमक तरीके से काबुल पर कब्जा कर लिया। बाइडेन के इस फैसले की हर तरफ निंद हो रही है। हालांकि यूएस प्रेसिडेंट अपने निर्णय को सही ठहरा रहे हैं। इस बीच एक नए सर्वेक्षण से पता चला है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के अफगानिस्तान से हटने के बाद राष्ट्रपति जो बाइडेन की साख पर बट्टा लगा है। 

क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी नेशनल पोल ऑफ एडल्ट्स के अनुसार, "अमेरिकियों के विचार राष्ट्रपति के रूप में बाइडेन के काम को लेकर ठीक नही हैं। सर्वे में शामिल 42 प्रतिशत लोगों ने बाइडेन के काम को पसंद किया है। वहीं, 50 प्रतिशत ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।"

क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी ने कहा कि जनवरी में पद संभालने के बाद से यह पहली बार है जब बाइडेन की कार्यशाली को लेकर इस कदर असंतुष्टि दिखी है। अगस्त की शुरुआत में 46 प्रतिशत अमेरिकियों ने राष्ट्रपति द्वारा अपना काम संभालने के तरीके को मंजूरी दी थी और 43 प्रतिशत ने अस्वीकृत कर दिया था। क्विनिपिक विश्वविद्यालय ने कहा, "आज के मतदान में, डेमोक्रेट को मंजूरी मिली है। वहीं रिपब्लिकन भी रेश में है। अमेरिका के लोगों ने निर्दलीय को अस्वीकार कर दिया।" 
 
इससे पहले एनपीआर और पीबीएस न्यूशोर के साथ एक नए मैरिस्ट नेशनल पोल के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की अप्रूवल रेटिंग 43 प्रतिशत के अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गई थी, जो उनके राष्ट्रपति बनने के बाद से सबसे कम है। अधिकांश अमेरिकियों ने जो बाइडेन की विदेशी नीति की निंदा की है, जबकि आबादी के एक बड़े हिस्से ने भी अफगानिस्तान में संयुक्त राज्य की भूमिका को "विफल" करार दिया है।