राजनीति

उपचुनाव : समन्वय पर जोर और मैदानी फीडबैक पर काम शुरू

भोपाल
मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सत्तारूढ़ भाजपा की सरकार और सांसद बीडी शर्मा के नेतृत्व में काम कर रही पार्टी संगठन मैं समन्वय को लेकर राजधानी भोपाल में बड़ी बैठक हुई। इतना ही नहीं बैठकों का दौर पिछले कुछ दिनों से सिलसिलेवार जारी है। इसी के बहाने प्रदेश में होने जा रहे हैं उपचुनाव को लेकर भी जोरदार रणनीति बनाकर विपक्ष को झटका देने की तैयारी में भाजपा जुट गई है।

भारतीय जनता पार्टी की आज हुई बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. क्योंकि ऐसा पहली बार है जब बीजेपी ने अपने संगठनात्मक स्तर पर जिलों के प्रभारी नियुक्त करने और सरकार के स्तर पर जिलों के प्रभारी मंत्री नियुक्त होने के बाद कोई संयुक्त बैठक हो रही है. यह माना जा रहा है कि बैठक में संगठन और सत्ता के लिहाज से आने वाले समय में कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी. जिसमें सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका और निगरानी क्या हो इस पर मंथन किया जाएगा.बैठक में भाजपा मीडिया विभाग के पदाधिकारी और प्रवक्ताओं को भी शामिल किया गया था इससे स्पष्ट है कि आगामी उपचुनाव मुख्यमंत्री चौहान का चेहरा सामने रखकर ही लड़ा जाएगा और इसके लिए  नए सिरे से शिवराज की ब्रांडिंग की योजना भी बन रही है। साथ ही जिला अध्यक्षों को भी बैठक में शामिल करने से स्पष्ट है कि मैदानी स्तर पर पार्टी की स्थिति और उपचुनाव में हार जीत की संभावना पर फीडबैक लेकर जोरदार तैयारियां शुरू की जाएगी।

मध्य प्रदेश में आने वाले समय में एक लोकसभा सीट  और 3 विधानसभा सीट  में उपचुनाव भी होना है. दमोह उपचुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी इन चार उपचुनाव को काफी अहम मान कर चल रही है. यही वजह है कि संगठन और सरकार के स्तर पर बैठकों के दौर लगातार चल रहे हैं.पार्टी नेता चाहते हैं कि किसी भी सूरत में उपचुनाव की सभी 4 सीटें जीती जाए। इसके लिए न सिर्फ बैठकों का दौर शुरू किया गया है बल्कि सत्ता और संगठन के स्तर पर भी पार्टी नेताओं और मंत्रियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके द्वारा लगातार न सिर्फ प्रत्याशी चयन को लेकर सर्वसम्मति बनाने बल्कि रणनीति के तहत मैदानी जमावट के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.  भाजपा सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के निधन के पश्चात खंडवा लोकसभा सीट रिक्त है। इसके साथ ही पृथ्वीपुर से कांग्रेस विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह, जोबट से कांग्रेस विधायक कलावती भूरिया और रैगांव से भाजपा विधायक जुगल किशोर बागरी का निधन हो गया था। जिसके बाद से ये तीनों विधानसभा सीटें खाली हैं, जिन पर उपचुनाव होना है।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कहा कि पार्टी के पदाधिकारी अपने लिए लक्ष्य तय करें। पार्टी को सर्वस्पर्शी-सर्वव्यापी बनाएंऔर समन्वयपूर्वक काम करें। ध्यान रखें कोई क्षेत्र, कोई समूह छूट न जाए। पार्टी के विस्तार के लिए आपस में तालमेल बनाएं तथा संगठन और सरकार के साथ समन्वय बनाकर काम करें। ऐसा करके ही हम प्रदेश के संगठन को देश में एक मॉडल बना सकते हैं।

प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि हम एक कार्यकर्ता आधारित संगठन हैं। बीते समय में हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अमित शाह जी ने संगठन के काम में कई नए आयाम जोड़े। संगठन को अपडेट किया और मजबूती दी। हमें यह देखना चाहिए कि आज के तकनीकी युग में संगठन की मजबूती तथा विस्तार के लिए और क्या किया जा सकता है।

प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने कहा कि हमारे जिलाध्यक्ष संगठन की धुरी हैं। संगठन के सारे काम इनके माध्यम से होते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि जिला अध्यक्ष, जिले के प्रभारी और प्रभारी मंत्री की टोली समन्वय के साथ काम करे। उन्होंने कहा कि हमें यह विश्लेषण करना चाहिए कि हमारी स्थिति कहां कमजोर है और उसे सुधारने के लिए क्या करना चाहिए।