भोपाल

भाजपा: नेतृत्व का संदेश कार्यकर्ता देवतुल्य, प्रभारियों को इलाकों में करना ही होगा दौरा

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एक लोकसभा और तीन विधानसभा सीट पर होने वाले चुनाव में भाजपा हर उस मुद्दे पर काम करेगी जो चुनाव प्रभावित कर सकता है। इसके लिए पार्टी के सीनियर नेताओं ने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों को विधानसभा वार जिम्मेदारी सौंपने के साथ कहा है कि हमारा कार्यकर्ता देवतुल्य है। उसे एक्टिव कर दो तो हमारी जीत पक्की हो जाएगी क्योंकि चुनाव तो स्थानीय कार्यकर्ता ही लड़ेगा। जिन्हें जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें सिर्फ कार्यकर्ता को एक्टिव करने का काम करना है।

भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के इस फार्मूले को अपनाकर अब जिम्मेदारी पाने वाले मंत्री, नेता उपचुनाव वाले विधानसभा क्षेत्रों के दौरे की तैयारी में जुट गए हैं। संगठन की बैठक में जिम्मेदारी सौंपने के साथ कहा गया है कि 15 अगस्त के पहले सभी जिम्मेदार लोगों को विधानसभा में पहुंचकर बैठकें करने का काम तय करना है। इसके बाद दायित्व पाने वाले कुछ नेता इसी सप्ताह तो कुछ अगस्त के पहले सप्ताह में दौरे करने वाले हैं। जिन मंत्रियों, सांसदों, विधायकों को संगठन और सरकार के स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें चेताया भी गया है कि दमोह की हार का सबक लें। अब दोबारा गलती नहीं हो। अब हमें कोई सीट नहीं खोनी है, सभी चारों सीट पर जीत चाहिए।

संगठन की बैठक में कहा गया कि जो चुनाव पार्टी हारी है, उसे ऐसा मानें कि हमारे प्रयास कम रहे होंगे पर अब कटिबद्ध होकर काम करना है। बूथ स्तर पर संगठनात्मक मजबूती की बदौलत हम जीत हासिल करने में कामयाब होंगे। पार्टी ने यह भी तय किया है कि अभी विजिट कर देख लें कि कहां किस तरह के विकास कार्यों की आवश्यकता है, सरकार उसके लिए काम करेगी।

भाजपा संगठन पिछले एक माह से एससी, एसटी वर्ग के लोगों में पार्टी के प्रति अपनत्व का भाव जगाने के लिए प्लानिंग करने और बैठकों पर फोकस कर रहा है। जहां चुनाव होना है, उसमें जोबट आदिवासी सीट और रैगांव एससी सीट है। इसके साथ ही खंडवा विधानसभा की चार सीट आदिवासी बाहुल्य प्रभावित हैं। इसे देखते हुए पार्टी ने तय किया है कि चुनाव की रणनीति में एससी-एसटी फैक्टर का भी ध्यान रखना है। इन वर्गों के वोटर को भाजपा से तितर-बितर नहीं होने देना है बल्कि भाजपा की ओर मोड़Þना है।

विधानसभा चुनाव के लिए जिन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनसे कहा गया कि केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने वालों से संपर्क बढ़ाना है। ऐसा कोई घर नहीं है जहां केंद्र व राज्य की योजना के हितग्राही नहीं हों। सबको संपर्क कर लेने के बाद जीत का रास्ता साफ हो जाएगा। कार्यकर्ताओं के सक्रिय होने के बाद वे ऐसे लोगों के बीच पहुंचकर उन्हें भाजपा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए मोटिवेट कर सकेंगे।