छत्तीसगढ़ रायपुर

नेवई फायरिंग घटना का मुख्य आरोपी मुकुल सोना उर्फ सोनू बिहार नालंदा से गिरफ्तार

दुर्ग
नेवई गोलीकांड के मुख्यआरोपी मुकुल सोना उर्फ सोनू को दुर्ग पृुलिस ने आखिरकार बिहार के नालंदा से गिरफ्तार करने के साथ ही इस गोलीकांड से जुड़े सभी आरोपी अब पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों को दो दिन पूर्व ही गिरफ्तार किया था।

उल्लेखनीय है कि 5 जुलाई को मध्यरात्रि में थाना नेवई क्षेत्र के टंकी मरोदा बस्ती में मुकुल सोना उर्फ सोनू सूरज पाल, अशोक जांगडे, मंगल सिंह, प्रखर चद्रांकर, पुलकित चंद्राकर, गोपेन्द्र बाग, संजय जोशी, अमित जोश, लक्की जॉर्ज ने प्रार्थी बृजेश राय ऊर्फ पिंकी पर फायरिंग की थी जिसमें बृजेश राय घायल हो गया था। बाद में उसने इस घटना की रिपोर्ट नेवई थाने में दर्ज की जिस पर नेवई पुलिस थाना ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रं. 212/21 धारा 307 भादवि 25, 27 आर्म्स एक्ट प्रकरण का मामला दर्ज किया। इस घटना के बाद आरोपियों को पकड?े के लिये तत्काल शहर में नाकाबंदी की कार्यवाही करते हुए बाहर से आने और जाने वालों पर पुलिस पैनी नजर रखे हुए थी।

आरोपियों को पकड?े के लिये विशेष टीम सीएसपी भिलाई नगर के नेतृत्व में 4 निरीक्षक, 25 अधिकारी/कर्मचारी को शामिल कर किया गया। घटना में प्रयुक्त कार एवं आरोपियों के संबंध में पतासाजी हेतु शहर के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरा का फूटेज प्राप्त कर विश्लेषण किया गया। इसके पश्चात घटना में प्रयुक्त लाल रंग की संदिग्ध मारूती 800 कार की तलाशी में टीम लगाया गया। जिसके तहत टोल नाके, आई टी एम एस कैमरे, शहर में 800 कार के मालिको की जानकारी। मैकेनिक की जानकारी, पार्टस विक्रेताओ की जानकारी इक्कठी की गई एवं जिले के तमाम निगरानी बदमाशो, सजायाबता अपराधियो की लिस्टींग कर उनको थाना बुलाकर कड़ाई से पुछताछ किया गया। शहर में अवैध देशी कटटा, पिस्टल के मामलो में पूर्व के आरोपियों एवं उनके सहयोगियों की जानकारी ली गई।

तीन अज्ञात आरोपियो की पहचान नेवई क्षेत्र के बदमाश मुकुल सोना उर्फ सोनू तथा उसके दो सहयोगी मुकेश सिंह उर्फ पंचर निवासी इलाहाबाद, नागेन्द्र कुमार निवासी नालंदा बिहार के रूप में हुई। पहचान उपरांत इनकी गिरफ्तारी के प्रयास हेतु इनके संबंधित ठिकानो पर तत्काल दबिश दी गई। घटना बाद से ही अपने ठिकानो से तीनो आरोपी फरार मिले। चूकि अज्ञात आरोपियो की पहचान हो चूकी थी अत: पुलिस ने इस प्राथमिक सफलता उपरांत गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिया। आरोपी पूर्व में अपहरण के मामले में चालान हो चुके थे इसलिए इनके साथी दरानो की पहचान कर पुछताछ की जा रही थी। अभी पुलिस अपनी कार्यवाही को आगे बढा ही रही थी कि पॉच दिन बाद 10 जुलाई को नेवई थाना क्षेत्र के रिसाली इलाके में शाम 07:00 बजे करीब पुन: तीन हवाई फायर कर आरोपी पुलिस के लिए एक और चुनौती देकर फरार हो गये। आरोपियो द्वारा की गई फायरिंग के बाद दुर्ग पुलिस के द्वारा आरोपियो की गिरफ्तारी हेतु लगातार दबिश दी गई।

इसी दौरान आरोपियों द्वारा सोशल मिडिया, फेसबुक, इंस्टाग्राम के माध्यम से क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करने के लिए एवं प्रार्थी को जान से मारने की धमकी दी गई एवं इसके माध्यम से पुलिस के इन्वेस्टीगेशन को गुमराह करने का भी प्रयास किया गया जिसे सायबर सेल के द्वारा सोशल मिडिया क्रैक कर उनकी योजना को विफल कर दिया गया। इसी दौरान आरोपियो को पनाह देने वाले संजय जोशी निवासी पोटिया, नंदिनी के घर दबिश दी जहॉ पुलिस को अवैध शराब का जखीरा भी मिला पुलिस ने आबकारी एवं आरोपी को पनाह देने के अपराध में संजय जोशी को गिरफ्तार किया गया। पूर्व में आरोपी के सहयोगी रहे अमित जोश थाना खुसीर्पार में धारा 399 भादवि 25 आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही जेल में निरूद्व है। मुकुल के अन्य साथी विश्वजीत एवं लक्की जार्ज के खिलाफ भी पुलिस ने काठोर कार्यवाही करते हुये गिरफ्तार किया। आरोपियो के सोशल मिडिया को संचालित करने वाले प्रखर चंद्राकर एवं अपचारी बालक के खिलाफ धारा 294, 506, 212, 34 भादवि के तहत कार्यवाही की गई।

प्रकरण में आरोपियों की मदद करने वाले अन्य सहयोगियो सूरज पाल निवासी नेवई, अशोक जांगडे निवासी ग्राम हनोदा पद्यमनाभपुर, मंगल सिंह निवासी स्टेशन मरोदा, पुलकित चंद्राकर निवासी मरोदा सेक्टर, गोपेन्द्र बाग निवासी पेशंनबाडा, रायपुर के खिलाफ प्रतिबंधात्क कार्यवाही कर जेल भेजा गया। प्रकरण के आरोपी पुलिस की लगातार दबिश व घेराबंदी की कार्यवाही से एवं लोकल नेटवर्क टूटने से दुर्ग भिलाई क्षेत्र को स्वयं के लिए सुरक्षित ईलाका नहीं होने से राज्य से बाहर भागने की योजना बनाकर फरार हो गये।

सायबर सेल के लगातार तकनीकि विश्लेषण व परंपरागत पुलिसिंग के समन्वय से इनपुट आने लगे थे जिसमें आरोपियों के उत्तर भारत की ओर दिल्ली/लुधियाना जाने की पुष्टि हो रही थी तत्काल पुलिस अधीक्षक द्वारा दो विशेष टीम दिल्ली/लुधियाना के लिए रवाना किया गया। आरोपियों के द्वारा इंटरनेट गूगल के माध्यम से स्थानीय समाचार पत्रों व अन्य मिडिया के माध्यम से दुर्ग पुलिस की सम्पूर्ण कार्यवाही एवं गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी इसके अलावा युट्यूब क्राईम पेट्रोल जैसे माध्यमों से अपन आप को अपडेट करने की कोशिश की जा रही थी जिसके कारण पुलिस के द्वारा संभावित ठिकाने पर दबिश दिये जाने के पहले ही आरोपियों के द्वारा एक स्थान पर अधिक देर नहीं रूकने की अपनी योजना को अमल मे लाते हुये अन्यत्र स्थान की ओर निकल जा रहे थे।

इसी क्रम में एक आसूचना प्राप्त हुई कि आरोपी मुकुल सोना एवं नागेन्द्र कुमार  उत्तरप्रदेश के चंदोली से नागेन्द्र के निवास स्थान परबलपुर जिला नालांदा बिहार को सुरक्षित मानकर शरण लेने के लिए निकल गये है। तकनीकी विश्लेषण एवं मुखबिर सूचना की पुष्टि होने पर दुर्ग पुलिस कप्तान प्रशांत अग्रवाल ने नालंदा जिले के पुलिस कप्तान हरि प्रसाद से संपर्क कर दुर्ग पुलिस को मदद की आग्रह किये जाने पर उनके द्वारा तत्काल आवश्यक सुविधा एवं संसाधन उपलब्ध कराया गया। इसके पश्चात दुर्ग पुलिस एवं नालांदा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा आरोपी नागेन्द्र के निवास स्थान पर घेराबंदी कर दबिश की कार्यवाही की गई। मौके पर आरोपी मुकुल सोना हिरासत में लिया गया। पुछताछ पर मुकुल सोना द्वारा अन्य आरोपी नागेन्द्र के संबंध में बताया कि दबिश के पूर्व ही कही अन्यत्र चला गया था। पुलिस टीम द्वारा नागेन्द्र की पता तलाश की जा रही है। मुख्य आरोपी मुकुल सोना के बयान मेमोरण्डम पर से घटना में प्रयुक्त दो नग मोबाईल, वाई-फाई राउटर, देशी कट्टा, राउण्ड, मारूति कार 800, मोटर सायकल पल्सर 200-जप्त किया।