उत्तरप्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा -नौकरी के लिये अब सिफारिश की जरूरत नहीं 

 लखनऊ 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार पारदशीर् तरीके से भतीर् प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है और सरकार की नीयत और ईमानदारी पर कोई अंगुली नहीं उठा सकता। नवचयनित 13० आबकारी निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के मौके पर श्री योगी ने बुधवार को कहा कि यूपी लोक सेवा आयोग स्वायत्तशासी है और सरकार उसमें कोई हस्तक्षेप नहीं करती। युवाओं को अब नौकरी के लिये किसी सिफारिश की जरूरत नहीं है। सरकार अधिक से अधिक नौकरियों का सृजन करने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि 2002 से 2017 तक जितनी भर्तियां हुई है,उससे ज्यादा भर्तियां 2017 के बाद से अब तक हुई है। सरकार की भर्ती प्रक्रिया में कहीं कोई खोट नहीं इमानदारी में कोई संदेह नहीं है और इस पर कोई उंगली नहीं उठा सकता। पहले नियुक्ति निकलने पर कुछ लोगों की अपनी प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती थी मगर अब भ्रष्टाचारियों के वसूली के अड्डे और ठेके बंद हो गए है।
 
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सरकार ने बड़े पैमाने पर ऐसे भ्रष्टाचारियों को जेल में डाला और उनकी संपत्ति जब्त की। दरअसल, पूर्ववतीर् सरकार के कार्यकाल में शुचिता और ईमानदारी का अभाव था। उस दौरान जातिवाद क्षेत्रवाद और पता नहीं क्या-क्या प्रभावी रहता था। पिछले 4 सालों में सभी प्रकार की विघ्न बाधाओं को दूर किया गया। सभी आयोगों को संदेश दिया गया कि किसी भी भतीर् में पारदर्शिता होनी चाहिए। गलत करने वालों के लिए सरकार की तलवार हमेशा लटकती है।

योगी ने कहा कि युवाओं के सर्वाधिक संख्या उत्तर प्रदेश में है और सरकार की मंशा है कि युवाओं का लाभ देश और प्रदेश को मिले। पिछले साढ़े चार साल में एक करोड़ 61 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार से जोड़ने में सफलता मिली है। नवनियुक्त आबकारी निरीक्षकों से कहा “आपकी कार्यपद्धती आपका आचरण और आपका व्यवहार अच्छा रहे यही अपेक्षा रहती है। कानून की व्यवस्था के विरुद्ध और किसी जीवन को खतरे में डालने वाला कोई काम ना हो। आपको किसी भी स्तर पर किसी सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ी होगी।”