राजनीति

PCC चीफ के पास पहुंची रिपोर्ट, कांग्रेस के मोर्चा संगठन जिलों में कमजोर

भोपाल
प्रदेश कांग्रेस के एक दर्जन के लगभग मोर्चा संगठन जमीन स्तर पर सक्रिय नहीं है। जिलों में भी इनके पदाधिकारी काम नहीं कर रहे हैं। यह रिपोर्ट हाल ही में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के पास पहुंची है। इसके बाद यह माना जा रहा है कि वे कांग्रेस के सभी प्रकोष्ठ, विभाग और मोर्चा संगठन  में भारी फेरबदल कर सकते हैं। कमलनाथ खुद भी विभागों के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक लेकर हकीकत जान रहे हैं।

सूत्रों की मानी जाए तो कमलनाथ ने करीब एक महीने प्रदेश कांग्रेस के सभी विभागों, प्रकोष्ठों और मोर्चा संगठन को लेकर रिपोर्ट तैयार करवाई गई। जिसमें पता चला कि प्रदेश स्तर के कुछ पदाधिकारियों को छोड़कर अधिकांश सक्रिय नहीं है। वहीं जिलों में भी यही स्थिति बनी हुई है। कई जिले तो ऐसे निकले जहां पर कुछ मोर्चा, प्रकोष्ठ और विभागों की गतिविधियां कई सालों से नहीं हुई है। कुछ जिलों में कुछ प्रकोष्ठ ही सक्रिय है, जबकि बाकी के निष्क्रिय बने हुए हैं।

मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ और विभागों की मजबूती को लेकर पांच दिन पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक बैठक हुई थी। इस बैठक में इन सभी को विस्तार करने और जमीनी स्तर पर पर मजबूत बनाने को लेकर सुझाव लिए गए थे। इस बैठक में प्रदेश स्तरीय समन्वयकों को ही बुलाया गया था। इस बैठक के बाद ही रिपोर्ट पीसीसी चीफ को दी गई। साथ ही यह भी सुझाव उस रिपोर्ट में दिए गए कि कैसे इन्हें जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सकता है।

इस रिपोर्ट के बाद ही कमलनाथ अब सभी मोर्चा, प्रकोष्ठ और विभागों के अध्यक्षों के अलावा चुनिंदा पदाधिकारियों से बैठक कर रहे हैं। इन बैठकों में वे हर जिले में अपनी अपनी टीम को सक्रिय करने के निर्देश दे रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यदि जल्द ही विभागों के अध्यक्षों ने अपनी टीम को जिलों में सक्रिय नहीं किया तो इसमें बड़ा फेरबदल होगा। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने मोर्चा, प्रकोष्ठ और विभागों को सक्रिय करने के लिए प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों को समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी है।