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सड़कों पर उतरे करीब डेढ़ लाख जलवायु कार्यकर्ता, पर्यावरण कानून का किया विरोध

पेरिस
दुनिया में जहां पेरिस जलवायु समझौते को लेकर सभी देश धरती के तापमान को कम करने के लिए एकजुट हो रहे हैं वहीं फ्रांस के लोग चाहते हैं कि इसके लिए और अधिक कोशिशें होनी चाहिए।

फ्रांसीसी एनजीओ और कार्यकर्ताओं ने देश में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए और अधिक प्रयास करने के लिए प्रदर्शन किए और दावा किया कि उत्सर्जन को कम करने के मकसद से लाया बिल ज्यादा प्रभावी नहीं है।

हजारों जलवायु प्रदर्शनकारियों ने फ्रांस की सड़कों पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया। जलवायु के लिए यह प्रदर्शन राजधानी पेरिस समेत देश के अन्य मुख्य शहरों में भी हुए।

ये प्रदर्शन और रैलियां उस पर्यावरण कानून के विरोध में आयोजित हुए, जिसके बारे में प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यह कोशिशें बढ़ते तापमान को सीमित करने के लिए नाकाफी हैं। जलवायु परिवर्तन पर कोशिशें तेज करने को लेकर पूरे देश में 160 से अधिक आयोजन हुए जिसमें करीब डेढ़ लाख लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें कई एनजीओ और ट्रेड यूनियनों और छात्र संगठनों ने भाग लिया।

सरकार के जलवायु बिल को नेशनल असेंबली में सांसदों ने पहले ही मंजूरी दे दी है। बिल के मुताबिक ऐसे घरेलू उड़ानों पर रोक लगेगी जो ढाई घंटे के भीतर के हैं और उसे ट्रेन द्वारा की जा सकती है। इस बिल में उच्च ऊर्जा खपत वाली इमारतों के नवीकरण का समर्थन करने और ई-कारों को प्रोत्साहित करने के उपाय भी हैं। लेकिन प्रदर्शनकारी इन उपायों को पर्याप्त नहीं मानते हैं।