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 ‘रहस्मयी बुखार’ से हड़कंप, 10 दिनों में 18 लोगों की हुई मौत

रोहतक
कोरोना वायरस की दूसरी लहर का असर अब भारत के गांवों में दिखने लगा है। दिल्ली से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर हरियाणा के रोहतक जिले के टिटोली गांव में पिछले 10 दिनों में 18 लोगों की मौत 'रहस्मयी बुखार' से हो गई है। 18 लोगों की मौत में से 6 लोगों की मौत तो कोरोना वायरस से हुई है, इसकी पुष्टी जिला अधिकारियों ने की है। कोरोना काल में इस "मिस्ट्री बुखार" से रोहतक जिले में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का दावा है कि मौत की संख्या और भी अधिक है। उनके अनुसार, पिछले 2 हफ्तों (लगभग 14 दिन) में लगभग 40 लोगों की मौत 'रहस्मयी बुखार' से हुई है। रोहतक में इस बात को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। रोहतक के इस टिटोली गांव में हरियाणा का पहला कोविड-19 केयर सेंटर स्थापित किया गया है।

गांव की सरपंच प्रमिला की ओर से उनके भाई सुरेश कुमार ने जानकारी देते हुए कहा, ''पिछले हफ्ते, मैंने 32 व्यक्तियों की सूची तैयार की, जिनकी हाल ही में मौत हो गई है। उसके बाद, गांव में बुखार के कारण एक दिन में औसतन दो लोगों की मौत हो रही है। इस बुखार की चपेट में सभी आयु वर्ग के लोग शिकार हो रहे हैं। बुखार से जूझने के बाद मरने वाले लोगों में से 6 की उम्र 35 साल से कम की थी।''

स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि टिटोली गांव कोविड-19 महामारी की चपेट में है। सोमवार (10 मई) को वायरस का परीक्षण करने वाले 75 में से 15 लोगों को कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। पिछले 10 दिनों में, टिटोली और आस-पास के गांवों से परीक्षण किए गए 746 लोगों में से 159 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे।