छत्तीसगढ़ बिलासपुर

नशीली सिरप पीने से 8 युवकों की मौत, 5 सीआईएमएस अस्पताल में भर्ती

बिलासपुर
रायपुर में पिछले दिनों स्प्रीट पीने से चार युवकों की मौत हुई थी और अब बिलासपुर जिले से खबर है कि कुछ युवकों ने महुए की कच्ची शराब के साथ होम्योपैथिक की ड्रोसेरा कफ सीरप मिलाकर पी ली जिससे 8 युवकों की मौत हो गई और 5 युवकों को सीआईएमएस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद से परिवार में हीं नहीं बल्कि प्रशासन में भी हडकंप मचा हुआ है। दरअसल लॉकडाउन के चलते सभी प्रकार की शराब दुकान बंद हैं। पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के कोरमी के धुरीपारा गांव की है। मंगलवार की शाम कोरमी के रहने वाले 8 से 10 युवक पार्टी मनाने के लिए शराब नहीं मिलने पर होम्योपैथिक की ड्रोसेरा कफ सीरप को खरीदा और सभी ने मिलकर जमकर सिरप पी और पार्टी की। पार्टी खत्म होने के बाद जब सभी युवक अपने घर आये तो उनमें से छह युवकों की अचानक तबीयत खराब होने लगी, जिसके बाद परिजनों ने रात में ही चारों को अपोलो अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान चार युवकों की मौत हो गई। वहीं आज सुबह दो अन्य युवक व दो अन्य युवक की दोपहर को मौत हो गई। वहीं 5 युवकों का इलाज सीआईएमएस अस्पताल में चल रहा हैं। मृतक युवकों में कोरमी में रहने वाले कमलेश धुरी पिता बल्दूप्रसाद (32 वर्ष), अक्षय धुरी पिता पुन्नूलाल (21 वर्ष), राजेश धुरी पिता दशरथ (21 वर्ष), समारू धुरी पिता गजानंद (25 वर्ष), खेमचंद धुरी पिता रामलाल (40 वर्ष) व कैलाश धुरी पिता उमाशंकर (50 वर्ष) शामिल हैं।

वहीं इस मामले में ये भी बताया जा रहा है कि, सभी युवक महुवा से बनने वाली शराब में होम्योपैथिक की ड्रोसेरा कफ  सिरप मिलाकर नशा कर रहे थे। फिलहाल इस पूरे मामले पुलिस जांच की बात कह रही है। सवाल अब ये भी उठता है कि, लॉकडाउन में जहां एक तरफ सभी दुकानें बंद है, इसके बावजूद नशे के लतखोर युवकों को आखिर नशा करने के लिए ये सिरप या फिर महुवा शराब कहां से मिल रही है। फिलहाल सिरगिट्टी थाना पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

जिला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रमोद महाजन ने कहा कि गांव में डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। घर-घर जांच की जा रही है। अब स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाकर बस्ती के सभी लोगों की जांच शुरू कर दी है। कुछ युवक ऐेसे भी मिले हैं, जिन्होंने यह सिरप पिया था, लेकिन उन्हें कुछ नहीं हुआ।

होम्योपैथी के डाक्टर निशांत शुक्ला का कहना है कि युवकों ने जो पिया है वह सीरप (मदर टिंचर) नहीं होगा, बल्कि डाल्यूटर होगा। मदर टिंचर में काफी कम पोटेंसी होती है, जबकि डाल्यूटर में 90 प्रतिशत से भी ज्यादा अल्कोहल होता है। ऐसा लिक्विड पीने से लीवर, हार्ट पर बहुत असर होता है और मौत हो सकती है।