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फर्जी प्रमाणपत्र से पा ली सेना में नौकरी, दो जवान बर्खास्त

 फर्रुखाबाद  
सिखलाइट रेजीमेंट सेंटर में दो जवानों ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र से नौकरी पा ली। खुलासा होने पर दोनों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। प्लाटून हवलदार ने दोनों जवानों को फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। उनके खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

सिखलाइट रेजीमेंट सेंटर के प्लाटून हवलदार शेर सिंह ने गुरुवार को पंजाब के जिला संगरूर, थाना खानारी के गांव चंदू निवासी रवि कुमार और जिला तरनताल की तहसील खडूर साहिब के गांव कंग निवासी गुरुमीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी कर सेना में भर्ती होने का मुकदमा दर्ज कराया है। रिपोर्ट के मुताबिक रवी, 29 दिसंबर 2018 को सेना में भर्ती हुआ। 30 जनवरी 2019 को उसके प्रमाणपत्र जांच के लिए पंजाब भेजे गए थे। जांच में पता चला कि वह बाजीगर जाति का है, जबकि उसने सिख होने का फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाया था। नोटिस देने पर रवी ने माना कि वह बाजीगर जाति का है।

इसी तरह दूसरा जवान गुरुमीत सिंह, तीन दिसंबर 2019 को सेना में भर्ती हुआ था। उसके प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई तो पता चला कि वह जट जाति का हैं, जबकि उसने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर सेना में नौकरी हासिल की थी। दोनों जवानों को सेना से बर्खास्त कर दिया गया। फतेहगढ़ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्लाटून हवलदार की तहरीर पर दोनों जवानों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।