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अमेरिका का FATF में ‘टेस्ट’ से पहले पाकिस्तान को झटका, रिपोर्ट में कहा- ‘लश्कर को आतंकी संगठन का दर्जा बरकरार’

वॉशिंगटन
फाइनैंशनल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट से निकलने के लिए एक-एक दिन गिन रहे पाकिस्तान को अमेरिका ने एक और झटका दे दिया है। अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा को विदेशी आतंकी संगठन (FTO) के दर्जे पर ही रखा है। इसके अलावा पाकिस्तान में आधारित लश्कर-इ-झांगवी समेत सात और संगठनों को भी FTO का दर्जा दिया गया है। अमेरिकी गृह विभाग ने यह बयान जारी किया है। लश्कर-ए-तैयबा को अमेरिका ने 2001 में आतंकी संगठन करार दिया था। FTO जैसा दर्जा देने से इन आतंकी संगठनों को हमले की योजना बनाने और हमला करने के संसधानों का रास्ता काटा जाता है। अमेरिका अपने हितों के मुताबिक संगठन के लोगों के खिलाफ कार्रवाई करता है। अमेरिका में इससे जुड़े लोगों की संपत्ति जब्त की जा सकती है और देश के नागरिकों को इनसे संपर्क न करने को कहा जाता है। इन लोगों को मदद देना भी अपराध की श्रेणी में आता है।

अगले महीने FATF की बैठक में यह फैसला किया जाएगा कि क्या पाकिस्तान को उसकी ग्रे लिस्ट में रखना है या स्थिति बदलनी है। FATF ने पाकिस्तान को 27 बिंदुओं पर काम करने के लिए कहा था लेकिन अक्टूबर में हुई बैठक में पाया गया था कि पाकिस्तान ने सिर्फ 21 बिंदुओं पर काम किया था। पाकिस्तान इस लिस्ट से बाहर आने के लिए दिखावे की कई कार्रवाई कर चुका है। देश में पनाह लेने वाले कई आतंकी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान ने फंडिंग के मामलों में कार्रवाई की है। कुछ वक्त पहले ही पाकिस्तान की आतंकवाद रोधी एक अदालत ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकी-उर रहमान लखवी को 5 साल की कैद की सजा सुनाई थी। इस पर अमेरिका ने भी टिप्पणी की थी और कहा था कि लखवी को मुंबई हमलों के लिए भी सजा मिलनी चाहिए।