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महाराष्ट्र और केंद्र कोरोना वैक्सीन की डोज को लेकर आमने-सामने, मोदी सरकार बोली- भेदभाव का सवाल ही नहीं

नई दिल्ली 
देश में 16 जनवरी से कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू होने वाला है। पहले फेज में हेल्थ केयर वर्कर्स को वैक्सीन लगाई जाएगी, लेकिन इससे पहले ही महाराष्ट्र और केंद्र सरकार के बीच विवाद हो गया। दोनों सरकारें टीकाकरण को लेकर आमने-सामने आ गई हैं। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे द्वारा लगाए गए राज्य को कम टीके की खुराक के मिलने के आरोप के बाद केंद्र सरकार ने पलटवार किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को ट्विटर के जरिए आरोपों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी राज्य से भेदभाव करने का कोई सवाल ही नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविशील्ड और कोवैक्सीन के शुरुआती 1.65 करोड़ डोज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हेल्थ केयर वर्कर्स के डेटाबेस के अनुपात में मुहैया कराए गए हैं। इस मामले में मंत्रालय ने कई ट्वीट्स किए। उसने कहा, ''इसलिए, वैक्सीन डोज के आवंटन में किसी भी राज्य के खिलाफ कोई भेदभाव का सवाल ही नहीं उठता है।'' मंत्रालय ने कहा कि वैक्सीन की डोज की शुरुआती सप्लाई की जा चुकी है और आने वाले समय में लगातार होती रहेगी। 

मंत्रालय ने आगे कहा कि राज्यों को सलाह दी गई है कि वे टीकाकरण सेशन का आयोजन दस फीसदी रिजर्व या वेस्टेज और 100 वैक्सीनेशन एक दिन के हिसाब से करें। किसी भी जल्दबाजी में प्रति दिन प्रति साइट टीकाकरण की अनुचित संख्या की सलाह नहीं दी जाती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीकाकरण सेशन की साइटों की संख्या बढ़ाने की सलाह दी गई है, जो हर दिन ठीक तरीके से चालू रहेंगे। महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि उसे अब तक पहले फेज में टीकाकरण के लिए 17.5 लाख की कुल जरूरत में से कोरोना टीकों की 9.83 लाख खुराकें मिली हैं। राजेश टोपे ने कहा था, ''राज्य को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से कोविशील्ड के 9.63 लाख टीके और भारत बायोटेक द्वारा निर्मित 20,000 टीके मिले हैं। हमें एक व्यक्ति को चार सप्ताह के अंतर में टीके की दो खुराकें देनी हैं, इस प्रकार से आठ लाख रजिस्टर्ड हेल्थ केयर वर्कर्स में से करीब 55 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों का ही अभी टीकाकरण हो पाएगा। 

कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ शुरू होने वाला टीकाकरण का अभियान देश में 16 जनवरी से होने वाला है। इसके लिए राज्यों को कोरोना के टीके भी मिल गए हैं। लोगों को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कोविशील्ड और कोवैक्सीन के टीकों में कोई लगाया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में ही दोनों टीकों को डीसीजीआई की ओर से हरी झंडी मिली है। वहीं, इससे पहले, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ वैक्सीन रोल-आउट के लिए पूरा सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि 16 जनवरी से वैक्सीन रोल-आउट के लिए तैयारियां की जा रही हैं। 
 

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