छत्तीसगढ़रायपुर

मकर सक्रांति पर वैदिक सत्संग समिति ने किया यज्ञ का आयोजन

रायपुर
पतंजलि योग समिति,भारत स्वाभिमान तथा वैदिक सत्संग समिति के संयुक्त तत्वावधान में मकर संक्रांति के अवसर पर कलेक्टोरेट परिसर में स्थित बापू की कुटिया के समक्ष वैदिक यज्ञ के साथ पवित्र अग्नि में समस्त संसार के कल्याण तथा निरोग होने की कामना के साथ आहूति दी गई।

कार्यक्रम के संयोजक राकेश दुबे ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व हम सभी को जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है। जैसे सूरज अपना मार्ग कभी नहीं छोड़ता वैसे ही हम सभी को यज्ञ और वेद के मार्ग को कभी नहीं छोड?ा चाहिए।

कार्यक्रम को गुरुकुल प्रभात आश्रम मेरठ के स्नातक आचार्य डॉ. अजय आर्य ने संबोधित किया। उन्होंने कहा सूर्य प्रकृति और जीवन का आधार है। सूर्य का प्रकाश रोगाणु को नष्ट करता है। सूर्य उत्पादक शक्ति का भी प्रतीक है। वेद में इसीलिए सविता सूर्य का भी वाचक है और परमात्मा का भी वाचक है। सूर्य के बिना रंग नहीं हो सकते। सूर्य ही जीवन को आकर्षण के योग्य बनाता है।। मकर राशि में प्रवेश करने के कारण इस पर्व को मकर संक्रांति भी कहा जाता है।  जीवन को अंधकार से मुक्त करने का संकल्प हम सभी को लेना चाहिए। सत्य प्रेम सद्भाव ऊर्जा शक्ति समृद्धि सुचिता प्रकाश के नाम से जाना गया है। असत्य दरिद्रता असक्तता  पाप अज्ञान को अंधकार के रूप में निरूपित किया गया है। ज्ञान सच्चा प्रकाश है। हम सभी को वेद ज्ञान को आत्मसात करने का प्रयास करना चाहिए । वेद परमात्मा की वाणी है। वेद में परमात्मा का आदेश निहित है। ऋषि दयानंद के अनुसार परमात्मा की भक्ति का अर्थ यही है कि हम परमात्मा के आदेश के अनुसार चलें। सूर्य की उपासना का अर्थ है हम सूर्य की तरह से तेजस्वी बन करके देदीप्यमान हो।

वैदिक सत्संग समिति के अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल यज्ञ मुख्य यजमान बने। कार्यक्रम में  शिवम गुप्ता विनोद जायसवाल, रमेश शर्मा, राजेंद्र अग्रवाल गुरु जी मलखंब, संजय शुक्ला सहित गणमान्य लोगों ने भाग लिया।

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