देश

प्रैक्टिकल बोर्ड परीक्षा के बाद हो सकते है, विज्ञान में प्रैक्टिकलों की संख्या हुई आधी

नई दिल्ली
देश में धीरे-धीरे कोरोना के केस कम होने के बाद सभी प्रदेशों में स्कूल भी खुल रहे हैं। तो वहीं सरकार बोर्ड के साथ मिलकर इस साल होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर रणनीति तैयार कर रही है। सूबे में इस बार 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा में इस साल 21 लाख से अधिक छात्र बैठेंगे। वहीं, ऐसी संभावना है कि, आरबीएसई की प्रैक्टिकल की परीक्षाएं बोर्ड के रिटन एग्जाम्स के बाद हो सकती हैं। बोर्ड की मुख्य परीक्षाएं इस बार मई में होंगी। वहीं 12वीं क्लास के 4 लाख स्टूडेंट्स की प्रायोगिक परीक्षा मुख्य परीक्षा के बाद होने की संभावनाएं हैं। बता दें कि, अब तक ये परीक्षाएं जनवरी में होती आई हैं। इसके अलावा बोर्ड मुख्य परीक्षा में सवाल के ऑप्शन बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है। यानि पहले छात्र च्वाइस के आधार पर दो में से कोई एक सवाल करता था। अब दो की जगह तीन सवालों के ऑप्शन छात्रों को दिए जा सकते हैं। साथ ही शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं के सिलेबस में 40% कटौती के साथ ही प्रैक्टिकल में भी 50% की कटौती की है। वहीं, इस बार विज्ञान के छात्रों के लिए रहत की खबर ये है कि, उन्हें इस बार 20 की जगह 10 प्रैक्टिकल करने होंगे। शिक्षा विभाग ने कोरोना के चलते नंबर पैटर्न में बदलाव किया है। प्रायोगिक परीक्षा में स्टूडेंट्स को 15 अंक प्रैक्टिकल और 15 अंक प्रैक्टिकल रिकॉर्ड के आधार पर मिलेंगे। पिछली बार 20 अंक प्रैक्टिकल और 5 अंक वाइवा व 5 अंक रिकॉर्ड के आधार पर मिले थे। आटर्स में भूगोल के स्टूडेंट्स को तीन की जगह दो प्रैक्टिकल करने होंगे।

प्रैक्टिकल एग्जाम मुख्य परीक्षा के बाद होने से छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी। 9 महीने के बाद 18 जनवरी से 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए स्कूल खुल रहे हैं। सभी प्रिंसिपल्स को परीक्षाओं का पाठ्यक्रम 15 मई तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। आपको बता दें कि, पिछली बार 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में 20.48 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे। इस बार परीक्षार्थी करीब 42 हजार अधिक हैं। अभी भी फॉर्म फिलिंग जारी है। इसकी आखिरी तारीख 18 जनवरी है। ऐसे में आवेदन करने वालों की संख्या और भी बढ़ सकती है।

Related Articles

Close