इंदौर

कोरोना: मरीजों की संख्या में लगातार कमी, 24 घंटों में 140 नए मामले

इंदौर
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में जहां कोरोना के नए मरीजों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिल रही है. वहीं मृतकों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही. बीते 24 घंटों में यहां कोरोना के 140 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 4 लोगों की मौत हुई है. इसके बाद यहां संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 56,394 और मृतकों की संख्या 906 हो गई है.

इंदौर की प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूनम गाडरिया ने बताया कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने 4403 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट जारी की, जिसमें 140 व्यक्ति पॉजिटिव पाए गए. जबकि, बाकि लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई. इन नये मामलों के साथ जिले में अब संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 56,394 हो गई है. वहीं, इंदौर में बीते 24 घंटों में कोरोना से चार मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है. अब यहां कोरोना से मरने वालों की संख्या 906 हो गई है.

हालांकि, यहां कोरोना के मरीज तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं और अपने घर पहुंच रहे हैं. यहां अब तक 53,067 मरीज कोरोना को मात देकर अपने घर पहुंच गए हैं. अब यहां सक्रिय मरीजों की संख्या 2421 है, जिनका विभिन्न अस्पतालों और घरेलू एकांतवास में उपचार जारी है.

शासन ने लोगों से अपील की है कि वे मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाइजर का साथ न छोड़ें. बाजार भले ही खुल गए हैं, लेकिन जब तक लोग खुद सावधानी नहीं बरतेंगे, तब तक कोरोना की चेन नहीं तोड़ी जा सकती. प्रशासन ने कहा कि वो अपनी तरफ से तो कोशिश कर ही रहा है, लोगों और समाज को भी प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिए.

13 दिसंबर को इंदौर हाईकोर्ट में पदस्थ जस्टिस वंदना कसरेकर का मेदांता अस्पताल में कोरोना से निधन हो गया था. कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उन्हें इंदौर के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली ले जाना था लेकिन हालत नाजुक होने की वजह से ऐसा नहीं हो सका. इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमर सिंह राठौर ने बताया था कि एक साल बाद न्यायामूर्ति वंदना कसेरकर रिटायर होने वाली थीं.

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