विदेश

जनरल बाजवा भारतीय सेना की मार और विपक्षी दलों की हुंकार से घबराए, इमरान खान से की मुलाकात

इस्लामाबाद
एलओसी पर भारतीय सेना की जबरदस्त जवाबी कार्रवाई और पाकिस्तान में विपक्षी दलों के जोरदार प्रदर्शन से घबराए पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने आज प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान इमरान खान और जनरल बाजवा ने पाकिस्तान के बाहरी और अंदरूनी सुरक्षा हालातों पर चर्चा की।

सेना प्रमुख के साथ आईएसआई चीफ भी रहे मौजूद
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर बताया कि जनरल बाजवा के साथ इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैयाज हामिद भी थे। उन्होंने पाकिस्तान की सेना से जुड़े पेशेवर मामलों तथा अंदरूनी एवं बाहरी सुरक्षा हालातों पर चर्चा की। वर्तमान ने विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन और बॉर्डर पर भारतीय सेना के जवाब से इमरान खान भी डरे हुए हैं।

इमरान ने मातृभूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की खाई कसम
इमरान खान के कार्यालय ने कहा कि इस बैठक में यह संकल्प लिया गया कि पूरे देश के सहयोग से किसी भी कीमत पर मातृभूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में बॉर्डर पर संघर्ष विराम उल्लंघन की कथित घटनाएं तथा नियंत्रण रेखा के पास अकसर उकसावे वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।

इमरान को सता रहा भारत के सर्जिकल स्ट्राइक का डर
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को इन दिनों भारत के सर्जिकल स्ट्राइक का डर सता रहा है। उन्होंने कुछ दिन पहले ही लगातार कई ट्वीट कर कहा था कि मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय को साफ करना चाहता हूं कि अगर भारत पाकिस्तान के खिलाफ फर्जी फ्लैग ऑपरेशन छेड़ेगा, तो उसे पाकिस्तानी इच्छाशक्ति से मजबूत प्रतिक्रिया मिलेगी और हर स्तर पर खतरे का जवाब दिया जाएगा। कोई गलती न की जाए। यही नहीं, इमरान ने यह भी आरोप लगाया था कि 'जैसे-जैसे भारत की आंतरिक समस्याएं बढ़ रही हैं, खासकर आर्थिक मंदी, किसानों का विरोध प्रदर्शन और कोरोना वायरस से गलत तरीके से निपटना, मैं फिर से वैश्विक समुदाय को चेतावनी दे रहा हूं कि मोदी सरकार आंतरिक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ फर्जी अभियान चला रहा है।'

इमरान के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में विपक्ष
पाकिस्तान के विपक्षी दलों द्वारा बुधवार से दूसरे चरण के विरोध की शुरुआत करने के बीच यह बैठक हुई है। इमरान खान को सत्ता से हटाने के लिए विपक्षी दलों ने बुधवार को खैबर पख्तूनख्वा के मारदान शहर में रैली आयोजित की थी। पीडीएम का गठन राजनीति में पाकिस्तान की सेना के हस्तक्षेप का विरोध करने और चुनाव में फर्जीवाड़ा कर ‘‘कठपुतली’’ प्रधानमंत्री बनाने के विरोध में किया गया है। खान को सत्ता से हटाने और शक्तिशाली सेना के राजनीति में हस्तक्षेप बंद करने के लिए 11 दलों वाले गठबंधन ने बड़े शहरों में बड़ी रैलियां की हैं।

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