राजनीति

सबको साधने में लगे ज्योतिरादित्य सिंधिया,बीजेपी कई नेताओं से की मुलाकात

भोपाल
बीजेपी के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 11 दिन बाद फिर से राजधानी भोपाल में हैं। भोपाल के दौरान के ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की है। उससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी नेताओं को साधने में लगे हैं। कई बीजेपी नेताओं के घर जाकर उन्होंने मुलाकात की है। सिंधिया जिन नेताओं के घर जा रहे हैं, वो पार्टी के कोई कद्दावर नेता नहीं हैं।

भोपाल एयरपोर्ट पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया का भव्य स्वागत किया है। उसके बाद सिंधिया भोपाल के नादिरा बस स्टैंड स्थित गुरुद्वारे में पहुंच कर मत्था टेका है। यहां से निकलने के बाद गोविंदापुरा से बीजेपी विधायक कृष्णा गौर के घर पहुंचे। कृष्णा गौर ने अपने घर पर महाराज का स्वागत किया है।

पूर्व सीएम की बहू हैं कृष्णा गौर
कृष्णा गौर पूर्व सीएम बाबूलाल गौर की बहू हैं। पिछले साल ही बाबू लाल गौर का निधन हो गया था। गोविंदापुरा से विधायक कृष्णा गौर राजधानी भोपाल में अच्छी पकड़ रखती हैं। दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई है। इस दौरान कृष्णा गौर के परिवार के लोग भी मौजूद रहे हैं। साथ पूर्व मंत्री तुलसी सिलावट और प्रभुराम चौधरी भी वहां मौजूद थे।

कृष्णा गौर के घर से निकलने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी नेता गिरीश शर्मा के यहां पहुंचे। गिरीश शर्मा के घर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूजा पाठ भी किया। इस दौरान गिरीश शर्मा ने उन्हें भगवान की कुछ तस्वीरें भी भेंट की है। गिरीश शर्मा के परिजनों से महाराज ने बातचीत भी की है।

इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी के जिलाध्यक्ष सुमित पचौरी के घर पहुंचे। यहां भी उनके परिजनों के साथ बैठकर उन्होंने बात की है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर महाराज सिंधिया ने उनके घर पर भी पूजा अर्चना की है। सिंधिया लगातार बीजेपी नेताओं से भोपाल में मुलाकात कर रहे थे तो इसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। आखिर महाराज बीजेपी के इन नेताओं को क्यों साध रहे हैं।

सीएम शिवराज से भी मुलाकात
इन नेताओं से मुलाकात के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की है। दोनों के बीच 45 मिनट तक बात हुई है। मुलाकात से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई बात नहीं होगी। मंत्रिमंडल का विस्तार सीएम का विशेषाधिकार है। हालांकि चर्चा है कि कैबिनेट विस्तार से पहले सिंधिया खेमे के तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को शपथ दिलाई जा सकती है।

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