विदेश

रूस ने दागी हाइपरसोनिक मिसाइल, 9888 किमी प्रति घंटा है स्पीड

मॉस्को
बाल्टिक सागर में अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच रूस ने दुनिया के सबसे तेज उड़ने पाले हाइपरसोनिक एंटी शिप मिसाइल जिरकान का परीक्षण किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान मिसाइल ने 8 मैक (9888 किमी प्रति घंटा) से ज्यादा की स्पीड हासिल की। लाइव मॉनिटरिंग और रिकॉर्डिंग डेटा के अनुसार, मिसाइल ने 450 किमी दूर स्थित अपने लक्ष्य को सटीकता से भेद दिया।

रात में बैरंट सी में किया गया फायर
रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस मिसाइल का परीक्षण बैरंट सागर में रात में किया गया है। यह इस मिसाइल का दूसरा सफल परीक्षण था। इससे पहले भी इस हाइपरसोनिक मिसाइल को रूसी नौसेना के फिग्रेट एडमिरल गोर्शकोव से अक्टूबर 2020 में फायर किया गया था। इस बार भी इस मिसाइल को इसी युद्धपोत से लॉन्च किया गया है। इस मिसाइल को प्रोजक्ट 1164 मिसाइल क्रूजर मार्शल उस्तीनोव और प्रोजेक्ट 22350 फ्रिगेट एडमिरल कासातोनोव पर भी तैनात करने की योजना है।

4.5 म‍िनट में 450 किमी की दूरी तय की
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस हाइपरसोनिक मिसाइल की रेंज 450 किमी रही। मिसाइल ने 28 किमी की ऊंचाई से उड़ान भरी और 4.5 म‍िनट में 450 किमी की दूरी को तय करते हुए अपने लक्ष्‍य को तबाह कर दिया। इस दौरान मिसाइल ने 8 मैक की स्‍पीड हासिल की। बता दें कि हाइपरसोनिक मिसाइल की दुनिया में सबसे आगे रूस चल रहा है। रूस ने अपनी 3M22 जिरकॉन मिसाइल को तैनात करना शुरू कर दिया है।

इसलिए घातक है यह हाइपरसोनिक मिसाइल
आम मिसाइलें बैलस्टिक ट्रैजेक्‍टरी फॉलो करती हैं। इसका मतलब है कि उनके रास्‍ते को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। इससे दुश्‍मन को तैयारी और काउंटर अटैक का मौका मिलता है जबकि हाइपरसोनिक वेपन सिस्‍टम कोई तयशुदा रास्‍ते पर नहीं चलता। इस कारण दुश्‍मन को कभी अंदाजा नहीं लगेगा कि उसका रास्‍ता क्‍या है। स्‍पीड इतनी तेज है कि टारगेट को पता भी नहीं चलेगा। यानी एयर डिफेंस सिस्‍टम इसके आगे पानी भरेंगे।

किसी दूसरे देश के पास नहीं इस मिसाइल की काट
रूस के अत्‍याधुनिक S-500 एयर डिफेंस सिस्‍टम के अलावा किसी भी देश के पास हाइपरसोनिक मिसाइलों का रोकने की क्षमता नहीं है। रूस और चीन से टक्‍कर के लिए अमेरिका भी इस ब्रह्मास्त्र का निर्माण कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका अभी अविश्वसनीय मिलिट्री एक्विपमेंट बना रहा है। उन्होंने इसे सुपर-डुपर मिसाइल नाम दिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि हमारे पास अभी जो मिसाइलें मौजूद हैं यह उससे यह 17 गुना तेज है।

Related Articles

Close