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रिन्यूवल एनर्जी का पावर हब बनेगा मध्यप्रदेश:शिवराज सिंह चौहान

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में 75 हजार मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा जनरेट करने की संभावनाएं हैं। इन अपार संभावनाओं के आधार पर एमपी पावर हब बन सकता है क्योंकि यह सेंट्रली लोकेटेड है। हमने इसके दोहन का गंभीर प्रयास शुरू किया है।
सीएम चौहान ने तीसरी नवकरणीय ऊर्जा वैश्विक निवेश बैठक के प्लीनरी सत्र में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कहा कि मुरैना, छतरपुर में सर्वेक्षण प्रारंभ किया गया है। विंड से हम 2300 मेगावाट एनर्जी प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में निवेश की नीतियां इसके लिए सहायक हैं। गुजरात में सीएम रहने के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐसा किया था। अब हम भी ये नवाचार करेंगे। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने का काम करेंगे। एमपी में करीब 37 हजार सर्किट ट्रांसमिशन लाइन और सब स्टेशन सेटअप हैं। एमपी के साथ यूपी, हिमाचल, गुजरात भी इसकी संभावनाओं में शामिल हैं। सीईओ चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग प्लांट लगाएंगे। उन्होंंने इस दिशा में एमपी सरकार द्वारा किए गए काम की सराहना की।

आगर में 1500 मेगावाट का प्लांट लगाने निवेश प्रक्रिया
सीएम चौहान ने कहा कि प्रदेश में आगर-मालवा में 5000 करोड़ लागत की 1500 मेगावॉट क्षमता के पॉवरप्लांट की स्थापना के लिए निवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर रहे हैं। हम 600 मेगावॉट की फ्लोटिंग पॉवर प्लांट स्थापित करने की योजना भी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीवा सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, इसने नए कीर्तिमान स्थापित किए। हम उससे उत्पादित बिजली की सप्लाई दिल्ली मेट्रो को भी कर रहे हैं। हमने तय किया है कि हम अपना सौर ऊर्जा का उत्पादन वर्ष 2022 तक 10,000 मेगावॉट तक लेकर जाएंगे। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा का उपयोग महत्वपूर्ण है।

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