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यूपी पुलिस किसान आंदोलन को लेकर हाई अलर्ट पर

 लखनऊ 
किसान आंदोलन को लेकर उत्‍तर प्रदेश पुलिस भी हाई अलर्ट पर है। खास तौर से हरियाणा सीमा पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्‍त किए गए हैं। हरियाणा से लगे जिलों में भी खास सतर्कता बरती जा रही है। डीजीपी एचसी अवस्थी ने पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के अधिकारियों को जारी निर्देश में जिलों में सघन मानीटरिंग कराने की बात कही है।

गाजियाबाद में बंद की गई मेट्रो सेवा 
किसान आंदोलन के मद्देनज़र दिल्‍ली एनसीआर के गाजियाबाद में मेट्रो सेवा दोपहर दो बजे तक के लिए बंद कर दी गई। मेट्रो बंद होने से रोज इस सेवा का इस्‍तेमाल करने वाले लोगों को काफी दिक्‍कतों का सामना करना पड़ रहा है। मेट्रो स्‍टेशनों से बड़ी संख्‍या में लोग निराश होकर वापस लौट गए। मेट्रो बंद करने के बारे में पूर्व में कोई जानकारी न मिलने को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। उन्‍हें स्‍टेशन पहुंचने पर पता चला कि मेट्रो नहीं चलेगी और वहां से वापस  लौटना पड़ा। 

किसानों नेे यमुना एक्सप्रेस-वे पर लगाया जाम

कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब और हरियाणा के बाद अब यूपी के किसान भी सड़कों पर उतर आए हैं। दिल्ली कूच अभियान के तहत सैकड़ों की संख्या में आज किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए तो पुलिस ने रास्ते में उन्हें रोक लिया। किसानों के विभिन्न संगठनों ने कृषि कानून का जमकर विरोध किया। शुक्रवार को मथुरा में किसान यमुना एक्सप्रेस-वे पहुंचकर वहां धरने पर बैठ गए। किसानों के हाईवे पर बैठने की सूचना से पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते हाईवे भीषण जाम लग गया। जाम की सूचना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन किसानों के विरोध के आगे पुलिस की एक न चली। देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। वाहन भी रेंग-रेंग कर चल रहे थे।

आपको बता दें कि केन्द्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के हजारों किसान दो दिवसीय दिल्ली में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार और शुक्रवार को हो रहे धरना प्रदर्शन के तहत किसानों ने मार्च निकाला। इसे रोकने के लिए हरियाणा और पंजाब सरकार ने अपने बॉर्डर सील कर दिए। दिल्ली चलो अभियान के तहत यूपी के किसानों ने भी समर्थन किया। यूपी पुलिस भी बॉर्डर पर तैनात कर दी गई है।

भाकियू के आह्वान पर वेस्ट यूपी में कई जगह हाईवे जाम
कृषि कानून के विरोध के चलते उत्तर प्रदेश में भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर पश्चिमी यूपी में कई जगह किसानों ने हाईवे जाम कर दिया। दिल्ली-देहरादून, मेरठ-पौड़ी हाईवे पर किसान धरना देकर बैठ गए। भाकियू के नेता राकेश टिकैत ने ऐलान किया था कि कृषि कानून के विरोध में यूपी में किसानों का एक बड़ा दल सड़क पर उतरेगा। भाकियू के आह्वान पर शुक्रवार को किसानों ने सबसे पहले यमुना एक्सप्रेस-वे हाईवे पर जाम लगाया। इसके बाद किसानों ने दिल्ली-देहरादून हाईवे को भी जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने केन्द्र सरकार के कृषि कानून को वापस लेने की मांग की थी।  

ये है पूरा मामला 
केन्द्र सरकार की ओर से पारित नए कृषि बिल से न्यूनतम समर्थन मूल्य के खत्म होने का डर है। अब तक किसान अपनी फसल को अपने आसपास की मंडियों में सरकार की ओर से तय की गई एमएसपी पर बेच देते थे। इस नए कानून से किसान कृषि उपज मंडी समिति से बाहर कृषि के कारोबार को मंजूरी दी है। इसके तहत किसानों को डर सता रहा है कि अब उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। केन्द्र सरकार अपने बयानों में कह रही है कि वह एमएसपी जारी रखेगी। इसके साथ ही देश में कहीं भी मंडियों को बंद नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन सरकार ने इस बात को नए कानून में नहीं जोड़ा है, इसी वजह से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। 

किसान बिल का पंजाब और हरियाणा में है सबसे ज्यादा विरोध 
कृषि बिल का सबसे ज्यादा विरोध पंजाब और हरियाणा के किसानों में देखने को मिल रहा है। उन्हें यूपी के किसानों ने भी समर्थन दिया है। बता दें कि पंजाब और हरियाणा में सरकार को मंडियों से काफी ज्यादा मात्रा में राजस्व की प्राप्ति होती है। वहीं नए कृषि कानून के चलते अब कारोबारी सीधे किसानों से अनाज खरीद पाएंगे। जिसके कारण वह मंडियों में दिए जाने वाले मंडी टैक्स से बच जाएंगे। इसका सीधा असर राज्य के राजस्व पर पड़ सकता है।

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