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चाइनीज ऐप्स पर बैन मतलब भारतीय ऐप्स की ‘बल्ले-बल्ले’, क्या कहते हैं इंडियन डिवेलपर्स?

नई दिल्ली
चाइनीज ऐप्स और हार्डवेयर का बड़ा ग्लोबल मार्केट है लेकिन साल 2020 में भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस साल जून के आखिरी सप्ताह में पहली बार चाइनीज ऐप्स पर बैन लगने के बाद से आज 43 ऐप्स पर बैन लगाए जाने तक, 200 से ज्यादा चाइनीज ऐप्स की इंडियन मार्केट से छुट्टी हो गई है। सरकार ने TikTok से लेकर PUBG तक पॉप्युलर ऐप्स को भी बैन लिस्ट में शामिल किया और जताया है कि भारतीय यूजर्स का डेटा सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता है। चाइनीज ऐप्स बैन होने से बड़ा फायदा इंडियन ऐप डिवेलपर्स को भी हुआ है। सरकार की ओर से जिन ऐप्स को बैन किया गया, उनका इस्तेमाल भारत में करोड़ों-लाखों यूजर्स कर रहे थे। इन ऐप्स को बैन करते ही मार्केट में एक बड़ा स्पेस पैदा हुआ, जिसे भारतीय ऐप डिवेलपर्स भरने की कोशिश कर रहे हैं। ढेरों इंडियन ऐप्स ना सिर्फ टॉप डाउनलोड चार्ट्स में पहुंचे हैं, बल्कि उनके ऐक्टिव यूजर्स भी लाखों में पहुंच गए हैं। टेक पॉलिसी थिंक टैंक The Dialogue के फाउंडिंग डायरेक्टर क़ाज़िम रिज़वी भी मानते हैं कि डेटा सिक्यॉरिटी के लिए ऐप्स पर बैन लगना जरूरी है लेकिन इन ऐप्स के भारत में ऑपरेशन से हजारों नौकरियां भी जुड़ी हैं, ऐसे में ऐप्स के विकल्प भी मौजूद होने चाहिए।

ढेरों डेटिंग ऐप्स लिस्ट में शामिल
भारत सरकार की ओर से अब बैन किए गए 43 ऐप्स में ढेरों डेटिंग ऐप्स शामिल हैं। इसपर इंडियन कंप्यूटर विजन प्लैटफॉर्म इंटीग्रेशन विजर्ड्स सॉल्यूशन के सीईओ कुणाल किसलय कहते हैं कि भारतीय जवानों को हनीट्रैप से बचाने के लिए भी यह बैन कारगर हो सकता है। उन्होंने कहा, 'सेना के जवानों को फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत 89 ऐप्स हटाने के लिए कहा गया है, जिससे सीधे तौर पर देश की सुरक्षा से जुड़ा डेटा लीक होने से रोका जा सके।' सरकार यह समझ रही है कि चीन के सर्वर्स में मौजूद भारतीयों का डेटा उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है, ऐसे में चाइनीज ऐप की मॉनीटरिंग बेहतर कर दी गई है।

कई बैन ऐप्स आ गए थे वापस
चाइनीज ऐप्स का बैन होना भारतीय डिवेलपर्स के लिए एक मौके की तरह है और कई नए ऐप्स बैन किए गए चाइनीज ऐप्स की जगह ले सकते हैं। डॉक्यूमेंट स्कैनिंग ऐप Photostat तैयार करने वाले संदीप होदकासिया कहते हैं, 'डेटिंग और ऑनलाइन सर्विसेज वाले ऐप्स को बैन कर सरकार ने ना सिर्फ यूजर्स का डेटा सुरक्षित किया है बल्कि यह भारतीय ऐप डिवेलपर्स और स्टार्ट-अप्स के लिए अपना ऐप लॉन्च करने का अच्छा मौका भी है।' पॉप्युलर विडियो शेयरिंग ऐप चिंगारी के सीईओ और को-फाउंडर सुमित घोष ने कहा, 'बैन किए गए कई ऐप्स नई पहचान के साथ इंडियन मार्केट में आ गए थे और सरकार की डिजिटल स्ट्राइक ऐसे ऐप्स को कड़ा मेसेज देती है।'

देश में स्टोर होगा यूजर्स का डेटा
शॉर्ट विडियो मेकिंग ऐप डीके विडियोज के फाउंडर रांझा विक्रम सिंह ने कहा, 'विदेशी ऐप्स भारतीय यूजर्स के डेटा के साथ खिलवाड़ कर रही हैं और इसीलिए भारतीय कंज्यूमर्स को डेटा-प्रटेक्टेड इनवायरमेंट मिलना जरूरी हो गया है।' साफ है कि इंडियन ऐप्स के लिए बेहतर मार्केट तैयार हो गया है और यूजर्स भी भारतीय ऑप्शंस की तलाश में है। चाइनीज ऐप्स पर बैन लगने से मौजूदा कॉम्पिटीशन भी कम हो गया है और बेहतर की दौड़ भारतीय ऐप्स के बीच देखने को मिल रही है। इस सबके बीच इंडियन ऐप्स के साथ भारतीय यूजर्स का डेटा पूरी तरह सेफ है और देश में ही स्टोर हो रहा है।

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