इंदौर

आगर कांग्रेस विधायक विपिन वानखेड़े ने किया थाने में जमकर हंगामा

आगर-मालवा
मध्य प्रदेश के आगर विधानसभा से कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायक विपिन वानखेड़े का अपने समर्थकों के साथ थाने में हंगामे का एक वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है. एक मामले में बडौद थाने पहुंचे विधायक का टीआई जतन सिंह मंडलोई से जमकर विवाद हुआ. अपने कार्यकर्ता पर दर्ज हुए प्रकरण से नाराज विधायक ने पुलिस पर भाजपा की दलाली का आरोप लगाते हुए जमकर नाराजगी जताई. बात इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते विधायक और टीआई में तू-तू मैं-मैं होने लगी.

मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के बडौद ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमसिंह तंवर पर विद्युत विभाग ने शासकीय कार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज किया था. विद्युत विभाग द्वारा किसानों से बकाया राशि की वसुली की जा रही थी. इसकों लेकर प्रेम सिंह तंवर का विवाद विद्युत विभाग के कर्मचारियों से हुआ था.  मामले को लेकर विभाग द्वारा बडौद थाने में प्रकरण दर्ज कराया था. जानकारी लगने पर विधायक विपिन वानखेड़े अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और जमकर हंगामा किया.

इस पूरे मामले में विधायक विपिन वानखेड़े ने टीआई पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया और टीआई के खिलाफ मामला विधानसभा में उठाने की बात कही है. इधर, टीआई जतन सिंह मंडलोई ने विपिन वानखेड़े पर अभद्रता का आरोप लगाया है.

इधर, मध्यप्रदेश में सब्जी किसानों को राहत मिल सकती है.मध्य प्रदेश सरकार अब सब्जियों का समर्थन मूल्य तय करने की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस सिलसिले में सोमवार को एक अहम बैठक की. इसमें उन्होंने अधिकारियों से 2 दिन में रिपोर्ट मांगी है. बैठक में सीएम ने कहा,हमारा किसान दिन-रात पसीना बहाकर उत्पादन करता है. परन्तु अधिक मुनाफा बिचौलिए ले जाते हैं. ऐसी बाजार व्यवस्था विकसित करें, जिससे किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिले.सब्जियों के थोक और खुदरा मूल्य में अधिक अंतर नहीं होना चाहिए.सब्जियों के समर्थन मूल्य निर्धारित करने की रिपोर्ट तैयार की जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा हमारा लक्ष्य है किसानों को उनकी सब्जियों और उपज का उचित मूल्य दिलवाना.इसके लिए अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन करने के बाद सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने के लिए रिपोर्ट तैयार की जाए. दो दिन में रिपोर्ट पेश की जाए.बैठक में बताया गया कि केरल जैसे राज्यों में सब्जियों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की व्यवस्था है. केरल में इसके लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है.

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